जनपद गोरखपुर में आबकारी आयुक्त महोदय के सख्त निर्देशानुसार चलाए जा रहे विशेष प्रवर्तन अभियान ने अवैध शराब के नेटवर्क पर कड़ा प्रहार किया है। पुलिस क्षेत्राधिकारी चौरी चौरा के नेतृत्व में आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-4 चौरी चौरा अर्पित शुक्ला मय स्टाफ तथा थाना चौरी चौरा की संयुक्त टीम ने दिनांक 28 फरवरी 2026 को थाना चौरी चौरा अंतर्गत ग्राम पहाड़ी लाइन मरचहवा टोला में विभिन्न संदिग्ध स्थानों पर दबिश दी। इस छापेमारी के दौरान टीम को भारी मात्रा में अवैध सामग्री बरामद हुई, जिसमें लगभग 45 लीटर अवैध कच्ची शराब, 1/2 किलोग्राम नौशादर तथा 1/2 किलोग्राम यूरिया शामिल था। ये रसायन अवैध शराब बनाने के लिए प्रयुक्त होते हैं, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए घातक साबित होते हैं।
दबिश के तुरंत बाद टीम ने आबकारी अधिनियम की धारा 60 तथा बी.एन.एस. की धारा 274 के अंतर्गत एक अभियोग पंजीकृत किया। इस कार्रवाई में 01 अभियुक्त को मौके से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। आरोपी अवैध शराब के उत्पादन और वितरण में लिप्त पाया गया। साथ ही, मौके पर रखे लगभग 500 किलोग्राम लहन को तत्काल नष्ट कर दिया गया, जिससे भविष्य में शराब बनाने की कोई संभावना समाप्त हो गई। यह कार्रवाई ग्रामीण क्षेत्रों में फैले शराब माफिया के खिलाफ सतत प्रयासों का हिस्सा है।
यह अभियान आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस की संयुक्त रणनीति का परिणाम है
, जो जनपद भर में अवैध शराब के कारोबार को जड़ से उखाड़ने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत अब तक कई छापेमारियां की जा चुकी हैं, जिनमें सैकड़ों लीटर शराब और लहन नष्ट हो चुका है। इससे न केवल राजस्व की हानि रुकी है, बल्कि ग्रामीणों में व्यसन और स्वास्थ्य समस्याओं पर भी अंकुश लगा है। आबकारी निरीक्षक अर्पित शुक्ला ने बताया कि टीम लगातार गुप्त सूचनाओं पर कार्यवाही कर रही है और आगे भी ऐसी कार्रवाइयां जारी रहेंगी। पुलिस क्षेत्राधिकारी चौरी चौरा ने जनता से अपील की है कि अवैध शराब के बारे में सूचना दें, ताकि क्षेत्र को नशामुक्त बनाया जा सके।
गोरखपुर जनपद में इस तरह की कार्रवाइयों से अवैध शराब का धंधा कमजोर पड़ रहा है।
थाना चौरी चौरा क्षेत्र में पहाड़ी लाइन मरचहवा टोला जैसे संवेदनशील इलाकों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। आबकारी विभाग ने चेतावनी जारी की है कि अवैध शराब बनाने या बेचने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। यह घटना विशेष प्रवर्तन अभियान की सफलता का जीवंत उदाहरण है, जो कानून व्यवस्था को मजबूत करने में सहायक सिद्ध हो रही है। स्थानीय निवासियों ने इस कार्रवाई की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि इससे गांव में शांति और स्वास्थ्य सुधार होगा।