कांग्रेस कार्यकर्ताओं
गोरखपुर। लखनऊ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में बृहस्पतिवार को जिलाध्यक्ष व महानगर अध्यक्ष के नेतृत्व में टाउनहॉल स्थित गांधी प्रतिमा के समक्ष मौन धरना दिया गया। इस दौरान उन्होंने हाथों में तख्तियां लेकर विरोध दर्ज कराया।
लखनऊ लाठीचार्ज का विरोध क्यों?
लखनऊ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मनरेगा योजना को कमजोर करने के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था। पुलिस ने इस प्रदर्शन पर लाठीचार्ज किया, जिससे कई कार्यकर्ता घायल हो गए। गोरखपुर कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र पर हमला करार देते हुए राज्यव्यापी विरोध का आह्वान किया। गोरखपुर में आयोजित मौन धरने में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर लिखा था – “लाठीचार्ज नहीं चलेगा”, “मनरेगा बचाओ”, “लोकतंत्र की हत्या बंद करो”। धरना शांतिपूर्ण रहा और पुलिस की मौजूदगी में पूरा हुआ।
जिलाध्यक्ष राजेश कुमार तिवारी का बयान
जिलाध्यक्ष राजेश कुमार तिवारी ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि मनरेगा देश के गरीब, मजदूर और ग्रामीण परिवारों के जीवनयापन का प्रमुख आधार है। इस योजना को कमजोर करने के खिलाफ कांग्रेस पार्टी लगातार संघर्ष कर रही है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि लखनऊ में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज लोकतंत्र की मूल भावना पर सीधा आघात है। सरकार जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने और आवाज दबाने का प्रयास कर रही है, जिसे कांग्रेस पार्टी बर्दाश्त नहीं करेगी। तिवारी ने कहा कि मनरेगा मजदूरों को 100 दिन का रोजगार देती है, लेकिन केंद्र और राज्य सरकारें इसे धीरे-धीरे खत्म करने की साजिश रच रही हैं।
मनरेगा योजना का महत्व
मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) ग्रामीण भारत की रीढ़ है। यह योजना ग्रामीण परिवारों को साल में 100 दिन का गारंटीड रोजगार देती है, जिससे गरीबी और भुखमरी पर अंकुश लगता है। कांग्रेस का आरोप है कि वर्तमान सरकार मनरेगा फंड कम कर रही है और मजदूरी दर को मुद्रास्फीति के अनुसार नहीं बढ़ा रही। गोरखपुर जैसे जिले में जहां ग्रामीण आबादी अधिक है, मनरेगा हजारों परिवारों का सहारा है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि योजना कमजोर होने से ग्रामीण पलायन बढ़ेगा और गरीबी गहरी होगी।
धरने में मौजूद प्रमुख नेता और कार्यकर्ता
मौन धरने में महानगर अध्यक्ष, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस और सीडब्ल्यूसी के पदाधिकारी शामिल थे।
सभी ने गांधी प्रतिमा के सामने खड़े होकर मौन रखा और तख्तियां ऊंचा करके संदेश दिया।
धरना करीब एक घंटे चला, जिसमें कोई नारा नहीं लगाया गया,
लेकिन शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज किया गया। पुलिस ने धरने को बिना किसी रोक-टोक के पूरा होने दिया।
कांग्रेस की आगे की रणनीति
जिलाध्यक्ष राजेश कुमार तिवारी ने बताया कि यह धरना सिर्फ शुरुआत है।
पार्टी राज्य स्तर पर मनरेगा बचाओ अभियान चला रही है। गोरखपुर में भी जल्द ही
बड़े स्तर पर प्रदर्शन और जनसभाएं होंगी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि जब तक मनरेगा को
मजबूत नहीं किया जाता और लाठीचार्ज करने वालों पर कार्रवाई नहीं होती, संघर्ष जारी रहेगा।
गोरखपुर में कांग्रेस का मौन धरना लखनऊ लाठीचार्ज के खिलाफ एकजुटता का प्रतीक बना।
यह दिखाता है कि पार्टी मनरेगा जैसे जनहित के मुद्दों पर कितनी गंभीर है।
धरने ने स्थानीय स्तर पर चर्चा पैदा की और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरी।
कांग्रेस का यह विरोध जारी रहेगा और सरकार पर दबाव बनाएगा।
Read this post :बागपत हादसा: अस्पताल जा रही जीएनएम छात्रा अंशु को स्कॉर्पियो ने 100 मीटर तक घसीटा, दर्दनाक मौत