अज्ञात 12 वर्षीय बालिका का शव कुआनो नदी में तैरता हुआ मिला, गोरखपुर धुरियापार में

गोरखपुर राकेश शर्मा की रिपोर्ट

गोरखपुर धुरियापार में दिल दहला देने वाली घटना: कुआनो नदी से बालिका का शव बरामद

*गोरखपुर जिले के उरुवा थाना क्षेत्र अंतर्गत धुरियापार गांव में शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। पुराने घाट पर कुआनो नदी के उफनते पानी में लगभग 12 वर्षीय अज्ञात बालिका का शव तैरता हुआ मिला। शव की विकृत अवस्था देखकर ग्रामीणों ने अनुमान लगाया कि यह 4 से 5 दिन पुराना है। यह घटना पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला रही है और ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोग इसे संदिग्ध मान रहे हैं, क्योंकि नदी में शव मिलना बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बढ़ा रहा है।

घटना की पूरी जानकारी: सुबह 6:30 बजे ग्रामीणों को नजर पड़ा शव

20 फरवरी 2026 को सुबह करीब 6:30 बजे धुरियापार के ग्रामीण दैनिक कार्यों और टहलने के लिए नदी किनारे निकले थे। एक ग्रामीण की नजर नदी के पानी में तैरते शव पर पड़ी। उसने तुरंत अन्य लोगों को सूचना दी, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते नदी घाट पर सैकड़ों ग्रामीण इकट्ठा हो गए। लोग शव को देखकर स्तब्ध थे। किसी ने थाने को फोन किया और उरुवा पुलिस को सूचना दे दी।

मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नदी से बाहर निकलवाया और प्रारंभिक जांच शुरू कर दी। शव की स्थिति बताती है कि मौत के बाद कई दिन बीत चुके हैं। बालिका की उम्र 12 वर्ष के आसपास बताई जा रही है। कपड़े फटे हुए और शरीर पर चोट के निशान दिख रहे थे, जो हादसे या आपराधिक घटना की ओर इशारा कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नदी का पानी तेज बहाव वाला है, इसलिए शव कहीं दूर से बहकर आया हो सकता है। धुरियापार पुराना घाट नदी का ऐसा स्थान है जहां अक्सर लोग स्नान करने और मछली पकड़ने आते हैं, लेकिन हाल के दिनों में जलस्तर बढ़ने से खतरा बढ़ गया है।

पुलिस जांच: बेलघाट थाने की गुमशुदा बालिका की रिपोर्ट चेक, मां ने किया इनकार

उरुवा पुलिस ने तत्काल आसपास के थानों से बच्चों की गुमशुदगी की रिपोर्ट्स चेक कीं। बेलघाट थाने में चार-पांच दिन पहले एक बालिका के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। बेलघाट पुलिस ने गुमशुदा बच्ची की मां को मौके पर लाकर शिनाख्त करवाई, लेकिन मां ने साफ इनकार कर दिया कि यह उसकी बेटी नहीं है। इसके बाद उरुवा पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज भेज दिया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का सही कारण और समय पता चलेगा। पुलिस आसपास के जिलों में भी गुमशुदगी के केस खंगाल रही है। एसपी गोरखपुर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं।

जांच में हत्या, हादसा या अन्य संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है।

सामाजिक चिंता: ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों की सुरक्षा पर सवाल

यह घटना गोरखपुर के ग्रामीण इलाकों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

कुआनो नदी जैसे जल स्रोतों के किनारे रहने वाले बच्चे

अक्सर खतरे में पड़ जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नदी किनारे बाड़ लगाने,

जागरूकता अभियान चलाने और पैरेंट्स की सतर्कता बढ़ाने की जरूरत है।

पिछले साल गोरखपुर में इसी तरह 3-4 ऐसी घटनाएं हुईं, जहां शव नदियों से मिले।

स्थानीय एनजीओ ‘फिशरमैन आर्मी’ ने मांग की है कि सरकार नदी घाटों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए,

रेस्क्यू टीम तैनात करे और बच्चों के लिए सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करे।

धुरियापार जैसे गांवों में विकास परियोजनाओं के बीच सुरक्षा उपेक्षित हो रही है।

ग्रामीणों की मांग है कि जल्द से जल्द मामले का खुलासा हो और दोषियों को सजा मिले।

यह घटना न केवल परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए

तत्काल कदम उठाने की जरूरत है। पुलिस की जांच से सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।