यूपी डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य
डिप्टी सीएम बोले- कांग्रेस का मनरेगा बचाओ अभियान खोखला, विकसित भारत जी राम जी से आएगी खुशहाली
यूपी के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बजट सत्र की कार्यवाही शुरू होने से पहले कहा कि कांग्रेस का मनरेगा बचाओ अभियान खोखला है। इससे ग्रामीण क्षेत्र में लोगों के जीवन में कोई बदलाव नहीं आया है जबकि विकसित भारत जी राम जी योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में खुशहाली आएगी। कांग्रेस आज मनरेगा बचाओ अभियान प्रारंभ कर रही है। यह बयान राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा रहा है, क्योंकि मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) ग्रामीण भारत की रीढ़ मानी जाती है। मौर्य के इस हमले से साफ है कि भाजपा और कांग्रेस के बीच ग्रामीण विकास को लेकर बहस तेज हो गई है। 2026 में चुनावी माहौल गर्माने के साथ ऐसे बयान राजनीतिक रणनीति का हिस्सा लगते हैं।
केशव प्रसाद मौर्य का बयान: कांग्रेस पर तीखा प्रहार
उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने विधानसभा के बजट सत्र से ठीक पहले मीडिया से बातचीत में कांग्रेस के मनरेगा बचाओ अभियान को खोखला करार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह अभियान महज दिखावा है और इससे ग्रामीणों के जीवन में कोई सकारात्मक बदलाव नहीं आया। मौर्य ने जोर देकर कहा कि मनरेगा में व्याप्त भ्रष्टाचार और अक्षमताओं के कारण यह योजना असफल साबित हुई है। इसके विपरीत, केंद्र सरकार की विकसित भारत जी राम जी योजना (जिसका पूरा नाम विकसित भारत: जी राम जी योजना है, जो ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार पर फोकस करती है) से ग्रामीण क्षेत्रों में सच्ची खुशहाली आएगी। यह योजना सड़कें, सिंचाई, स्वास्थ्य और शिक्षा पर जोर देती है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाएगी। मौर्य के अनुसार, भाजपा सरकार ने पिछले वर्षों में मनरेगा को मजबूत किया है, लेकिन कांग्रेस इसे राजनीतिक हथियार बना रही है।
कांग्रेस का मनरेगा बचाओ अभियान: आज से शुरूआत
कांग्रेस आज से पूरे देश में मनरेगा बचाओ अभियान शुरू कर रही है। इस अभियान का उद्देश्य मनरेगा योजना में कथित कटौती और बदलावों के खिलाफ आवाज उठाना है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में यह अभियान ग्रामीण इलाकों में रैलियां, प्रदर्शन और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगा। पार्टी का दावा है कि मोदी सरकार ने मनरेगा के बजट में कटौती की है, जिससे ग्रामीण मजदूरों को 100 दिनों का रोजगार नहीं मिल पा रहा। हालांकि, सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मनरेगा के तहत 2025-26 में रिकॉर्ड रोजगार दिया गया है। कांग्रेस का यह अभियान 2026 के लोकसभा चुनावों से पहले विपक्ष की एकजुटता दिखाने का प्रयास लगता है। यूपी में यह अभियान गोरखपुर, लखनऊ और प्रयागराज जैसे जिलों में तेज होगा, जहां ग्रामीण मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
विकसित भारत जी राम जी योजना: ग्रामीण खुशहाली का वादा
मौर्य ने विकसित भारत जी राम जी योजना को ग्रामीण विकास का असली इंजन बताया। यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का हिस्सा है, जो ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने पर केंद्रित है। योजना के तहत ग्रामीण सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, जल संरक्षण परियोजनाएं चल रही हैं और महिला स्वयं सहायता समूहों को मजबूत किया जा रहा है। मौर्य ने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और गरीबी कम होगी। योजना का नाम ‘जी राम जी’ भगवान राम से प्रेरित है, जो सुशासन और न्याय का प्रतीक है। यूपी में इस योजना से लाखों परिवार लाभान्वित हो चुके हैं, जैसे कि गोरखपुर जिले में नई सिंचाई परियोजनाएं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह
योजना मनरेगा की कमियों को दूर कर सकती है, लेकिन विपक्ष इसे चुनावी जुमला बता रहा है।
राजनीतिक प्रभाव और भविष्य की संभावनाएं
मौर्य के बयान से यूपी की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। भाजपा ग्रामीण विकास को
अपना मजबूत पक्ष मानती है, जबकि कांग्रेस मनरेगा को अपनी उपलब्धि बताती है।
2005 में शुरू हुई मनरेगा योजना ने ग्रामीण भारत में रोजगार प्रदान किया, लेकिन
भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी रही। विकसित भारत जी राम जी योजना से भाजपा ग्रामीण वोट बैंक को
मजबूत करने की कोशिश कर रही है। आने वाले दिनों में कांग्रेस का अभियान और
भाजपा के जवाबी हमले राजनीतिक माहौल को गर्मा सकते हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि
ग्रामीण मुद्दे 2026 चुनावों में निर्णायक होंगे। भक्तों और राजनीतिक विश्लेषकों के लिए
यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन सी योजना ग्रामीणों का दिल जीतती है।
यह बयान यूपी की राजनीति में नए मोड़ ला सकता है, जहां ग्रामीण विकास मुख्य मुद्दा है।
कांग्रेस का अभियान खोखला साबित होगा या नहीं, समय बताएगा।