शिक्षक की मौत: नवोदय के छात्रों ने प्रिंसिपल पर लगाया साजिश का आरोप, बैठे धरने पर- दो छात्राएं हुई बेहोश

गोरखपुर के एक जवाहर नवोदय विद्यालय में शिक्षक की सड़क हादसे में हुई मौत के बाद छात्रों में भारी आक्रोश फैल गया है। कक्षा 9 से 12 तक के छात्र सुबह करीब 8 बजे से स्कूल परिसर में बिना खाए-पिए धरने पर बैठे हैं। छात्रों का मुख्य आरोप है कि प्रिंसिपल ने शिक्षक के साथ प्रताड़ना की और उनकी मौत एक साजिश का नतीजा है। धरने के दौरान दो छात्राएं बेहोश हो गईं, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। लगातार कई घंटे बीत जाने के बावजूद कोई जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी या जिला शिक्षा अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे छात्रों की नाराजगी और बढ़ती गई। छात्र प्रिंसिपल को तत्काल निलंबित करने और मौत की CBI जांच की मांग पर अड़े हुए हैं।

घटना का पूरा विवरण: शिक्षक की मौत कैसे हुई?

विद्यालय के एक वरिष्ठ शिक्षक (नाम गोपनीय) की कुछ दिन पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी। पुलिस ने इसे दुर्घटना बताया, लेकिन छात्रों और कुछ शिक्षकों का दावा है कि शिक्षक पिछले कई महीनों से प्रिंसिपल द्वारा मानसिक प्रताड़ना और अपमान का शिकार थे। छात्रों का कहना है कि शिक्षक को अतिरिक्त काम दिए जाते थे, छुट्टियां नहीं दी जाती थीं और बार-बार धमकियां दी जाती थीं।

धरने पर बैठे छात्रों ने आरोप लगाया कि शिक्षक ने प्रिंसिपल की मनमानी के खिलाफ आवाज उठाई थी, जिसके बाद उनकी मौत हुई। एक छात्र ने कहा, “सर हमें पढ़ाते थे और हमेशा हौसला देते थे। उनकी मौत हादसा नहीं, बल्कि साजिश है। प्रिंसिपल ने उन्हें परेशान किया।” छात्रों ने प्रिंसिपल पर “नौकरी खा जाऊंगा” जैसी धमकियां देने का भी आरोप लगाया।

धरना और छात्राओं के बेहोश होने की घटना

सुबह 8 बजे से छात्र स्कूल गेट पर धरना दे रहे हैं। वे नारे लगा रहे हैं- “प्रिंसिपल इस्तीफा दो”, “शिक्षक को न्याय दो”, “CBI जांच करो”। धरने के दौरान दो छात्राएं (कक्षा 11 और 12 की) बेहोश हो गईं। उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने बताया कि गर्मी, भूख और तनाव के कारण वे बेहोश हुईं।

छात्रों ने कहा कि वे तब तक नहीं हटेंगे जब तक प्रिंसिपल निलंबित नहीं होते और जांच शुरू नहीं होती।

परिजन भी स्कूल पहुंचकर छात्रों का समर्थन कर रहे हैं।

प्रशासन की अनुपस्थिति से बढ़ा आक्रोश

धरने को कई घंटे बीत चुके हैं, लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी, बीएसए या कोई बड़ा अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।

छात्रों ने कहा, “हमारी आवाज दबाई जा रही है। कोई सुनवाई नहीं हो रही।”

पुलिस मौके पर मौजूद है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

परिजनों ने DM और CMO से मिलने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षक की मौत के बाद

प्रिंसिपल ने कोई माफी नहीं मांगी और छात्रों को डराने की कोशिश की।

नवोदय विद्यालय में शिक्षकों की सुरक्षा पर सवाल

यह घटना जवाहर नवोदय विद्यालयों में शिक्षकों की कार्यस्थल सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर

गंभीर सवाल खड़े कर रही है। छात्रों का कहना है कि अगर

शिक्षक सुरक्षित नहीं हैं तो छात्रों का भविष्य कैसे सुरक्षित होगा।

धरना जारी है और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। प्रशासन पर अब जल्द कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।

छात्रों ने कहा कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज होगा।

यह मामला गोरखपुर शिक्षा विभाग के लिए चुनौती बन गया है। न्याय मिलने तक छात्र पीछे नहीं हटने वाले हैं।

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