गोरखपुर: 'वांटेड' पशु तस्कर
उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। गोरखपुर जिले के बेलीपार थाना क्षेत्र से ‘वांटेड’ पशु तस्कर संजय उर्फ संजय यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। संजय पर हत्या, लूट, चोरी और पशु तस्करी समेत कुल 8 आपराधिक मामले दर्ज हैं। खास बात यह है कि वह पहले भी पुलिस टीम पर जानलेवा हमला कर चुका है और चौरीचौरा कांड में भी उसका नाम संदिग्ध के तौर पर सामने आया था। पुलिस ने उसे बेलीपार के कसिहार गांव से छापेमारी के दौरान दबोचा। यह गिरफ्तारी गोरखपुर पुलिस की लगातार कार्रवाई का नतीजा है, जो पशु तस्करी और संगठित अपराध पर लगाम कस रही है।
संजय की आपराधिक पृष्ठभूमि: 8 केस, जेल और फरारगी
संजय उर्फ संजय यादव बेलीपार थाना क्षेत्र के कसिहार गांव का निवासी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ 8 मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या का प्रयास, लूट, चोरी, पशु तस्करी और पुलिस पर हमला शामिल हैं। वह पहली बार 2021 में चोरी के एक मामले में जेल गया था। जेल से बाहर आने के बाद वह फिर से सक्रिय हो गया और पशु तस्करी के धंधे में कथित रूप से बड़ा नाम बन गया।
*संजय पर सबसे गंभीर आरोप 2023 में पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने का है। उस समय वह गोवंश ले जा रहा था, जब पुलिस ने उसे रोका तो उसने हथियारों से हमला कर दिया। इस घटना में एक पुलिसकर्मी घायल हुआ था। इसके बाद संजय फरार हो गया और लंबे समय तक पुलिस की गिरफ्त से दूर रहा।
चौरीचौरा कांड में भी संजय का नाम संदिग्ध
बेलीपार थाना क्षेत्र में हुई एक बड़ी वारदात में संजय का नाम सामने आया था। इसी वजह से चौरीचौरा कांड (जिसमें पशु तस्करी और गोहत्या से जुड़ी घटना हुई थी) में भी वह मुख्य संदिग्धों में शामिल था। पुलिस जांच में पता चला कि संजय ने कई बार रात के अंधेरे में गोवंश को दूसरे राज्यों में तस्करी करने की कोशिश की। वह संगठित गिरोह का हिस्सा था, जो पशु तस्करी के बड़े नेटवर्क से जुड़ा हुआ है।
गिरफ्तारी कैसे हुई? पुलिस की छापेमारी
गोरखपुर पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि संजय कसिहार गांव में छिपा हुआ है। एसएसपी और सीओ के निर्देश पर बेलीपार थाने की टीम ने रविवार सुबह छापेमारी की। संजय ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे दबोच लिया। उसके पास से अवैध हथियार और कुछ नकदी भी बरामद हुई। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पशु तस्करी पर योगी सरकार की सख्ती: गिरफ्तारियां जारी
योगी सरकार के कार्यकाल में पशु तस्करी पर लगातार कार्रवाई हो रही है। गोरखपुर, संतकबीरनगर,
कुशीनगर और देवरिया जैसे जिलों में दर्जनों तस्कर गिरफ्तार हो चुके हैं। पुलिस का कहना है कि संजय
जैसे अपराधियों पर नकेल कसने से संगठित गिरोह कमजोर हो रहे हैं। एसएसपी ने कहा कि
पशु तस्करी और गोहत्या से जुड़े सभी मामलों में सख्ती बरती जा रही है।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
कसिहार गांव और आसपास के इलाकों में संजय की गिरफ्तारी से राहत की सांस ली जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि वह रात में गोवंश चुराने और धमकियां देने के लिए कुख्यात था।
अब लोग उम्मीद कर रहे हैं कि उसके साथी भी जल्द पकड़े जाएंगे।
यह गिरफ्तारी गोरखपुर पुलिस की लगातार सफलता का प्रमाण है।
संजय जैसे अपराधी की सलाखों के पीछे पहुंचने से कानून-व्यवस्था में मजबूती का संदेश गया है।
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