संभल में गरजा बुलडोजर: सरकारी जमीन पर बने तीन मकान और दुकान ध्वस्त, नोटिस के बाद की गई कार्रवाई

संभल में बुलडोजर की तेज कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में एक बार फिर योगी सरकार की सख्त नीति का असर दिखा। सिरसी क्षेत्र में सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बने निर्माणों के खिलाफ प्रशासन ने बुलडोजर एक्शन चलाया। नायब तहसीलदार की मौजूदगी में तीन मकानों के अगले हिस्से और एक दुकान को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई नोटिस जारी होने के कई दिनों बाद की गई, जिससे स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया।

कार्रवाई का पूरा विवरण

संभल जिला प्रशासन के अनुसार, सिरसी गांव में सरकारी जमीन (ग्राम समाज/नजराना भूमि) पर कुछ लोगों ने बिना अनुमति के निर्माण कर लिया था। इन निर्माणों में तीन मकान और एक व्यावसायिक दुकान शामिल थी।

  • कार्रवाई की तारीख: 12 जनवरी 2026
  • समय: सुबह 8 बजे से दोपहर तक
  • प्रमुख अधिकारी: नायब तहसीलदार, तहसीलदार, एसडीएम और पुलिस फोर्स
  • ध्वस्त किए गए हिस्से: तीन मकानों के सामने का हिस्सा (पोर्टिको/वेरांडा) और एक पूरी दुकान
  • उपस्थित बल: भारी पुलिस बल, पीएसी और बुलडोजर टीम

प्रशासन ने पहले कई बार नोटिस जारी किए थे, लेकिन मालिकों ने कोई कार्रवाई नहीं की। अंत में बुलडोजर को आगे बढ़ाना पड़ा।

कार्रवाई का मुख्य कारण

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई निम्न कारणों से की गई:

  • सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा
  • बिना भवन मानचित्र और अनुमति के निर्माण
  • सार्वजनिक मार्ग और जल निकासी को प्रभावित करना
  • ग्राम समाज की जमीन पर निजी उपयोग

संभल में पिछले एक साल से सरकारी और ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा हटाने का अभियान तेज है। योगी सरकार की नीति के तहत ऐसे सभी अवैध निर्माणों पर सख्ती बरती जा रही है।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

कार्रवाई के दौरान सैकड़ों स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए। कुछ लोगों ने विरोध जताया, लेकिन पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित रखा। प्रभावित परिवारों ने बताया कि उन्हें पहले नोटिस मिला था, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण वे निर्माण हटा नहीं पाए।

दूसरी ओर, कई लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई का समर्थन किया और कहा कि सरकारी जमीन पर कब्जा हटना जरूरी है, ताकि सार्वजनिक उपयोग हो सके।

प्रशासन का संदेश और आगे की योजना

एसडीएम संभल ने कहा: “सरकारी और ग्राम समाज की जमीन पर कोई भी अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पहले नोटिस दिया जाता है

, फिर कार्रवाई। हमने सभी प्रभावितों को पहले से सूचित किया था।”

प्रशासन ने आगे बताया कि संभल जिले में अगले कुछ महीनों में ऐसे और अभियान चलाए जाएंगे।

संभल में बुलडोजर की यह कार्रवाई योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का एक और उदाहरण है।

सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा हटाने से एक तरफ विकास कार्यों को बल मिलेगा,

वहीं दूसरी तरफ प्रभावित परिवारों को पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था की जरूरत है।

आने वाले दिनों में संभल में ऐसे और एक्शन देखने को मिल सकते हैं।