त्योहार मनाने के बाद घर लौट रहे यात्रियों की भारी भीड़ ने ट्रेन और बस स्टेशनों पर अफरातफरी का माहौल बना दिया है। त्योहारों के बाद यात्रा के लिए लोगों की मजबूरी बन गई, जिससे ट्रेन व बसों में धक्का-मुक्की आम हो गई
की वजह से व्यवस्था ध्वस्त
हर साल दिवाली, छठ, और अन्य बड़े त्योहारों के बाद लाखों लोग अपने कामकाजी शहरों से गांव व घरों की ओर लौटते हैं। इस बार तो हालात और गंभीर हो गए हैं। गाजियाबाद, प्रयागराज, दिल्ली, लखनऊ, बनारस जैसे बड़े शहरों के बस व रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की ऐसी भीड़ दिखी कि व्यवस्थाएं बौनी पड़ गईं। आरक्षित सीटें फुल होने के कारण जनरल टिकट लेकर सवार होना मजबूरी बन गया। प्लेटफार्म पर सुबह से लंबी कतारें लगी रहीं और ट्रेन आते ही एक साथ धक्का-मुक्की शुरू हो गई
बा और अवध एक्सप्रेस में खासा संकट
उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड जैसे इलाकों में जाने वाली मुख्य ट्रेनों—बाथ एक्सप्रेस, अवध एक्सप्रेस, श्रमजीवी एक्सप्रेस, काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस इत्यादि—में हालात और बिगड़ गए। पैसेंजर ट्रेनों की सीटें पहले ही फुल रहीं, जिससे सैकड़ों यात्री स्टेशन पर ही रह गए या बसों की ओर भागे। ऑनलाइन टिकट बुकिंग पर
