गोरखपुर। शहर के खोट्ठा टोला निवासी अनिमेष निषाद ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर अपने परिवार के साथ-साथ गोरखपुर का नाम भी गौरवान्वित किया है। सैन्य प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद अनिमेष को उनकी पहली पोस्टिंग शिमला में मिली है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, परिचितों और क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
गया की ऑफिसर ट्रेनिंग एकेडमी में पूरा किया सैन्य प्रशिक्षण
अनिमेष निषाद ने बिहार के गया स्थित ऑफिसर ट्रेनिंग एकेडमी (OTA) में सैन्य प्रशिक्षण पूरा किया। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने सैन्य जीवन की कठिन परिस्थितियों, अनुशासन और नेतृत्व से जुड़े विभिन्न पहलुओं को सीखा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्ति मिली।
सैन्य सेवा की शुरुआत करते हुए अनिमेष को शिमला में पहली पोस्टिंग मिली है। उनके सेना में अधिकारी बनने की खबर सामने आने के बाद परिवार और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी है।
गोरखपुर से शुरू हुई पढ़ाई, लखनऊ से किया बीटेक
अनिमेष की प्रारंभिक शिक्षा गोरखपुर के एक निजी इंटर कॉलेज से हुई। पढ़ाई में रुचि रखने वाले अनिमेष ने आगे की तकनीकी शिक्षा के लिए लखनऊ का रुख किया, जहां उन्होंने बीटेक की पढ़ाई पूरी की।
तकनीकी शिक्षा के बाद उन्होंने भारतीय सेना में अधिकारी बनने की दिशा में कदम बढ़ाया। उनकी मेहनत और तैयारी का परिणाम उस समय सामने आया, जब 2025 में घोषित शॉर्ट सर्विस कमीशन (टेक्निकल) परीक्षा के परिणाम में उन्होंने ऑल इंडिया स्तर पर 31वीं रैंक हासिल की।
ऑल इंडिया 31वीं रैंक ने खोला सेना में अधिकारी बनने का रास्ता
शॉर्ट सर्विस कमीशन (टेक्निकल) परीक्षा में ऑल इंडिया 31वीं रैंक हासिल करना अनिमेष की मेहनत और तकनीकी योग्यता को दर्शाता है। चयन प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें सैन्य प्रशिक्षण के लिए गया स्थित ऑफिसर ट्रेनिंग एकेडमी भेजा गया।
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अब वह भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे। उनकी पहली तैनाती शिमला में हुई है।
विश्वविद्यालय कर्मचारी के बेटे ने हासिल की बड़ी उपलब्धि
अनिमेष के पिता रमेश चंद निषाद दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के नियंता कार्यालय में प्रधान सहायक के पद पर कार्यरत हैं। उनकी मां हेमलता निषाद गृहिणी हैं।
मध्यमवर्गीय पारिवारिक परिवेश से निकलकर अनिमेष ने अपनी मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण के दम पर भारतीय सेना में अधिकारी बनने का सपना पूरा किया है। उनके लेफ्टिनेंट बनने को परिवार की उपलब्धि के साथ-साथ गोरखपुर के लिए भी गर्व का विषय माना जा रहा है।
युवाओं के लिए प्रेरणा बनी अनिमेष की सफलता
अनिमेष निषाद की सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो तकनीकी शिक्षा हासिल करने के बाद भारतीय सेना में अधिकारी बनने का सपना देखते हैं। बीटेक की पढ़ाई से लेकर शॉर्ट सर्विस कमीशन (टेक्निकल) परीक्षा में शानदार रैंक और फिर सैन्य प्रशिक्षण पूरा करने तक का उनका सफर मेहनत और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता की मिसाल है।
शिमला में अपनी पहली पोस्टिंग संभालने के साथ ही अनिमेष अब देश की सेवा की नई जिम्मेदारी शुरू करेंगे। उनकी उपलब्धि पर परिवार और क्षेत्र के लोगों में खुशी है और सभी उनके उज्ज्वल सैन्य करियर की कामना कर रहे हैं।
