रायगढ़। महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में रिश्वतखोरी के एक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने CGST के एडिशनल कमिश्नर और 2009 बैच के IRS अधिकारी विनय कुमार कंथेती, CGST सुपरिटेंडेंट राकेश कुमार सिन्हा और एक निजी व्यक्ति नरिंदर राजपूत को गिरफ्तार किया। आरोप है कि एक पत्थर खनन कंपनी से जुड़े GST और रॉयल्टी मामले को निपटाने के एवज में पहले 1.50 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। बातचीत के बाद कथित रकम घटाकर 40 लाख रुपये तय की गई।
GST मामला सुलझाने के नाम पर मांगी गई थी 1.50 करोड़ की रकम
CBI के मुताबिक, शिकायतकर्ता की पत्थर खनन कंपनी से जुड़े GST और रॉयल्टी मामले को निपटाने के लिए CGST सुपरिटेंडेंट राकेश कुमार सिन्हा पर 1.50 करोड़ रुपये के अनुचित लाभ की मांग करने का आरोप है। बाद में बातचीत के दौरान रकम घटाकर 40 लाख रुपये कर दी गई। आरोप है कि रिश्वत की रकम सीधे लेने के बजाय एक निजी व्यक्ति को माध्यम बनाया गया था।
CBI ने बिछाया जाल, 40 लाख रुपये लेते पकड़ा गया बिचौलिया
शिकायत मिलने के बाद CBI ने मामले में जाल बिछाया। एजेंसी के अनुसार, निजी व्यक्ति नरिंदर राजपूत को 40 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। इसके बाद मामले में CGST सुपरिटेंडेंट राकेश कुमार सिन्हा और एडिशनल कमिश्नर विनय कुमार कंथेती की भूमिका सामने आई और दोनों अधिकारियों को भी गिरफ्तार किया गया।
तलाशी में 43 लाख रुपये नकद और करीब 90 लाख के गहने बरामद
CBI ने आरोपियों से जुड़े परिसरों पर तलाशी अभियान भी चलाया। जांच एजेंसी के मुताबिक, तलाशी के दौरान 43 लाख रुपये की अतिरिक्त नकदी और करीब 90 लाख रुपये मूल्य के आभूषण बरामद किए गए। इन बरामदगी को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।
ठाणे की विशेष अदालत ने गिरफ्तारी को बताया गैर-कानूनी
मामले में बाद में ठाणे की विशेष अदालत ने CBI की पांच दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड की मांग खारिज कर दी। रिपोर्टों के अनुसार, अदालत ने आरोपियों की गिरफ्तारी में कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किए जाने की बात कहते हुए
गिरफ्तारी को गैर-कानूनी माना और उन्हें तत्काल रिहा करने का आदेश दिया।
इस घटनाक्रम के बाद मामला और महत्वपूर्ण हो गया है। एक तरफ CBI ने रिश्वतखोरी के
आरोप में कार्रवाई की और ट्रैप ऑपरेशन के जरिए 40 लाख रुपये की रकम बरामद किए जाने की बात कही,
वहीं दूसरी तरफ अदालत ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
ऐसे में मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच पर नजर बनी हुई है।
तीन आरोपियों पर CBI की कार्रवाई
इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में:
- विनय कुमार कंथेती — IRS-2009, CGST एडिशनल कमिश्नर
- राकेश कुमार सिन्हा — CGST सुपरिटेंडेंट
- नरिंदर राजपूत — निजी व्यक्ति/कथित बिचौलिया
शामिल हैं। CBI के अनुसार, मामला रायगढ़ की एक पत्थर खनन कंपनी से जुड़े
GST और रॉयल्टी विवाद को निपटाने के बदले कथित रिश्वत मांगने से संबंधित है।
निष्कर्ष
रायगढ़ का यह मामला इसलिए चर्चा में है क्योंकि इसमें एक वरिष्ठ IRS अधिकारी और
CGST के अधिकारी पर लाखों रुपये की रिश्वतखोरी के आरोप लगे हैं।
CBI के ट्रैप में 40 लाख रुपये की कथित रिश्वत पकड़े जाने और तलाशी में नकदी व
आभूषण बरामद होने के बाद जांच तेज हुई। हालांकि, ठाणे की विशेष अदालत द्वारा
गिरफ्तारी को गैर-कानूनी बताए जाने के बाद मामले का कानूनी पक्ष भी अहम हो गया है।
आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
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