देवरिया जिले के बरहज थानाक्षेत्र के गौरा स्थित नर्वदेश्वर घाट पर सोमवार सुबह एक हृदयविदारक हादसा हुआ, जिसमें जल भरने के लिए सरयू नदी गए तीन दोस्त—विवेक, रणजीत और चंद्रशेखर—गहरे पानी में डूब गए और लापता हो गए। यह हादसा उस समय हुआ, जब लहछुआं गांव के ये युवक दुर्गा पूजा के लिए कलश में जल भरने घाट पर पहुँचे थे
घटना का विवरणप्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सोमवार सुबह लहछुआं गांव से सात युवक कलश में जल भरने नर्वदेश्वर घाट पर पहुंचे थे। इनमें से विवेक (16), रणजीत (20), चंद्रशेखर (16) और गांगुली (22, चौरीचौरा, गोरखपुर) भी शामिल थे। जल भरने के दौरान चारों गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। पास खड़े अन्य युवकों ने शोर मचाया, जिससे स्थानीय लोग दौड़ आए।
लोगों ने बांस की सहायता से गांगुली को बचा लिया, परंतु बाकी तीन युवक तेज बहाव में बह गए और लापता हो गए राहत और बचाव कार्यघटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीएम विपिन कुमार द्विवेदी, सीओ, नायब तहसीलदार आदि प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुँचे।
स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में घंटों सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन देर शाम तक भी कोई सुराग नहीं लगा। लगातार कोशिशों के बाद भी तीनों युवकों की तलाश में कामयाबी नहीं मिली गांव में शोक और मातमहादसे के बाद पूरे लहछुआं गांव में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
गांव के लोगों ने दशहरा सहित सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए। घरों के चूल्हे तक नहीं जले। लोगों ने प्रशासन से घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था की माँग रखी, ताकि भविष्य में ऐसी घटना न घटे प्रशासन और पुलिस की प्रतिक्रियामौके पर पहुँचे अधिकारियों ने परिवारों को सांत्वना दी और आश्वस्त किया कि खोज जारी रहेगी।
पुलिस ने बताया कि हादसा सुबह करीब 10 बजे हुआ, जब दुर्गा पूजा से पहले कलश यात्रा के लिए परंपरागत रूप से जल भरने की रस्म निभाई जा रही थी। हादसे से नवरात्री की खुशियाँ गम में बदल गईं
सामाजिक संदेशयह दुखद घटना धार्मिक आस्था के साथ-साथ घाटों पर सुरक्षा के प्रति सचेत करती है। बड़ी संख्या में बच्चे और युवा धार्मिक पर्वों पर घाटों पर पहुंचते हैं, ऐसे में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम ज़रूरी हैं, ताकि इस तरह के हादसे न हों
