गोरखपुर में रैली रोकने पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों में विवाद, 19 नामजद समेत 30-40 अज्ञात पर केस

गोरखपुर के कैंपियरगंज में रविवार को रैली रोकने को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच विवाद हो गया। जंगल कौड़िया टोल प्लाजा पर हुई नोकझोंक के बाद पुलिस ने साधु यादव समेत 19 नामजद और 30-40 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। छह ट्रैक्टर और एक चार पहिया वाहन भी सीज किए गए हैं। वहीं साधु यादव ने पुलिस पर रैली रोकने और लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया है।

जंगल कौड़िया टोल प्लाजा पर बढ़ा विवाद, पुलिस ने छह ट्रैक्टर और एक चार पहिया वाहन किया सीज

गोरखपुर। कैंपियरगंज विधानसभा क्षेत्र में रविवार को रैली रोके जाने को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच विवाद हो गया। भगवानपुर से सैकड़ों वाहनों के साथ निकली रैली को करीब 500 मीटर आगे बढ़ने के बाद पुलिस ने रोक दिया। इसके बाद जंगल कौड़िया टोल प्लाजा के पास पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चिंता यादव और उनके समर्थकों की पुलिसकर्मियों से नोकझोंक हो गई। स्थिति बिगड़ने पर मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया।

पुलिस के मुताबिक, रैली के लिए अनुमति नहीं ली गई थी और बड़ी संख्या में वाहनों के सड़क पर आने से यातायात प्रभावित होने लगा था। इसी वजह से पुलिस ने रैली को आगे बढ़ने से रोक दिया। रैली रोके जाने के बाद मौके पर मौजूद लोगों और पुलिस के बीच कहासुनी शुरू हो गई।

रैली रोकने के बाद आमने-सामने आए पुलिस और प्रदर्शनकारी

जानकारी के अनुसार, भगवानपुर से बड़ी संख्या में वाहन रैली में शामिल होकर आगे बढ़ रहे थे। पुलिस ने रैली को करीब 500 मीटर की दूरी पर रोक दिया। इसके बाद जंगल कौड़िया टोल प्लाजा के पास माहौल तनावपूर्ण हो गया। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चिंता यादव और उनके समर्थकों की पुलिस से नोकझोंक होने की बात सामने आई है।

विवाद बढ़ता देख पुलिस ने अतिरिक्त फोर्स को मौके पर बुलाया। पुलिस अधिकारियों और जवानों ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया, जिसके बाद मौके पर स्थिति संभाली गई।

साधु यादव समेत 19 नामजद, 30-40 अज्ञात लोगों पर मुकदमा

पुलिस की ओर से मामले में पीपीगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, सरकारी काम में बाधा डालने समेत विभिन्न धाराओं में साधु यादव, उनके भाई सुरेंद्र यादव समेत 19 नामजद लोगों और 30-40 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

पुलिस ने मामले में रैली में इस्तेमाल किए गए छह ट्रैक्टर और एक चार पहिया वाहन को सीज किया है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम से जुड़े वीडियो और अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर सकती है।

साधु यादव का पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप

वहीं, दूसरी ओर साधु यादव ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पुलिस ने रैली को आगे बढ़ने से रोका और शांतिपूर्ण तरीके से शामिल लोगों पर लाठीचार्ज किया। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को लेकर आपत्ति जताई है।

हालांकि, पुलिस का कहना है कि रैली बिना अनुमति निकाली जा रही थी और वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण सड़क पर जाम की स्थिति बन रही थी। इसी वजह से पुलिस ने रैली को रोकने की कार्रवाई की।

कैंपियरगंज में रैली विवाद के बाद बढ़ी पुलिस सक्रियता

रैली रोकने को लेकर हुए विवाद के बाद पुलिस ने क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है। मुकदमे में नामजद और अज्ञात आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल, पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई और रैली आयोजकों के आरोपों को लेकर दोनों पक्षों के दावों की जांच महत्वपूर्ण है। पुलिस की जांच के बाद ही विवाद के दौरान हुई घटनाओं की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।