गोरखपुर में मिलावटी मिठाइयों पर बड़ी कार्रवाई, 600 किलो संदिग्ध मिठाई जब्त; 750 किलो खराब सामग्री नष्ट

गोरखपुर में रक्षाबंधन से पहले मिलावटी मिठाइयों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने करीब 600 किलो संदिग्ध मिठाई जब्त की और 750 किलो खराब व दूषित खाद्य सामग्री नष्ट कराई। चौरीचौरा में गंदगी मिलने पर एक खाद्य निर्माण इकाई को सील किया गया। जानिए कुसम्ही, सोनबरसा और चौरीचौरा में खाद्य विभाग की छापेमारी के दौरान क्या-क्या कार्रवाई हुई।

गोरखपुर। रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए उत्तर प्रदेश में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मिलावटखोरी के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है। इसी क्रम में गोरखपुर जिले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीमों ने गुरुवार को अलग-अलग क्षेत्रों में सघन जांच और छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान टीम ने करीब 600 किलोग्राम संदिग्ध मिठाई जब्त की, जबकि लगभग 750 किलोग्राम खराब और दूषित मिठाइयों एवं खाद्य सामग्री को मौके पर नष्ट कराया गया। इसके साथ ही अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य निर्माण किए जाने पर एक निर्माण इकाई को सील कर दिया गया।

रक्षाबंधन से पहले खाद्य विभाग का बड़ा अभियान

त्योहारों के दौरान मिठाइयों की मांग बढ़ने के साथ ही मिलावटी और खराब खाद्य पदार्थों की बिक्री की आशंका भी बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए आयुक्त एवं जिलाधिकारी के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अभियान चलाया। अधिकारियों ने मिठाई, खाद्य सामग्री और परिवहन के जरिए ले जाए जा रहे सामान की जांच की।

सहायक आयुक्त (खाद्य-II) के निर्देशन में टीमों ने सुबह से ही निजी बसों और अन्य वाहनों की जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान कुसम्ही की ओर जा रहे एक वाहन को रोककर तलाशी ली गई। वाहन में बड़ी मात्रा में मिठाई ले जाई जा रही थी, जिसे केक के नाम पर परिवहन किए जाने की बात सामने आई। मिठाई की गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर खाद्य सुरक्षा टीम ने उसका नमूना जांच के लिए सुरक्षित किया और करीब 600 किलो संदिग्ध मिठाई जब्त कर ली।

फ्रोजन मटर और सोनापापड़ी के भी लिए नमूने

खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई केवल मिठाइयों तक सीमित नहीं रही। टीम ने जांच के दौरान फ्रोजन मटर का नमूना भी संग्रहित किया। वहीं सोनबरसा क्षेत्र में सोनापापड़ी का नमूना लिया गया और उसे प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया।

अधिकारियों के मुताबिक नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग की टीम त्योहार के दौरान बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर विशेष नजर रख रही है।

चौरीचौरा में गंदगी मिलने पर खाद्य इकाई सील

उधर, चौरीचौरा क्षेत्र में खाद्य निर्माण इकाई के निरीक्षण के दौरान टीम को गंभीर स्तर की गंदगी और अस्वच्छ परिस्थितियां मिलीं। खाद्य निर्माण के लिए इस्तेमाल किए जा रहे स्थान की स्थिति को देखते हुए विभाग ने सख्त कार्रवाई की।

बताया गया कि विभागीय टीम के पहुंचने की भनक लगते ही प्रतिष्ठान का संचालक निर्माण कार्य अधूरा छोड़कर दुकान बंद कर फरार हो गया। इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके की स्थिति का निरीक्षण करते हुए प्रतिष्ठान को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।

500 किलो खराब मिठाई मौके पर नष्ट

मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के नेतृत्व में गठित दूसरी टीम ने भी जिले के अलग-अलग स्थानों पर जांच अभियान चलाया। इस दौरान करीब 500 किलोग्राम खराब और अमानक मिठाइयों को मौके पर नष्ट कराया गया।

विभाग की टीम ने श्री जी एन्टरप्राइजेज से लड्डू, छेना और पेड़ा के तीन नमूने भी जांच के लिए लिए। इसी कार्रवाई के दौरान करीब 250 किलोग्राम दूषित खाद्य सामग्री को नष्ट कराया गया।

इस तरह अलग-अलग कार्रवाई में विभाग ने करीब 750 किलोग्राम खराब, दूषित या अमानक खाद्य सामग्री को नष्ट कराया। विभाग का उद्देश्य त्योहार के दौरान लोगों तक खराब या संदिग्ध खाद्य पदार्थ पहुंचने से रोकना है।

खाद्य विभाग ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी

अभियान में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुधीर राय के साथ खाद्य सुरक्षा अधिकारी नगेंद्र, अरुण कुमार, संदीप, प्रतिमा, संतोष और ओमप्रकाश समेत अन्य विभागीय कर्मचारी शामिल रहे।

खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान मिलावटखोरी करने, खराब खाद्य सामग्री बेचने या अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य पदार्थ तैयार करने वालों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। अधिकारियों ने कहा कि जांच के दौरान सामने आने वाली अनियमितताओं के आधार पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

उपभोक्ताओं को भी सतर्क रहने की जरूरत

त्योहारों के मौसम में मिठाइयों की खरीदारी करते समय उपभोक्ताओं को भी सावधानी बरतने की जरूरत है। बिना लेबल, संदिग्ध गुणवत्ता या अस्वच्छ स्थान पर तैयार की गई मिठाइयों की खरीद से बचना चाहिए। पैक्ड खाद्य पदार्थ खरीदते समय निर्माण और एक्सपायरी की तारीख, पैकेजिंग तथा अन्य जरूरी विवरण जरूर जांचने चाहिए।

गोरखपुर में हुई यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है जब रक्षाबंधन को लेकर बाजारों में मिठाइयों की बिक्री तेज हो गई है। खाद्य विभाग के अभियान से साफ है कि त्योहार के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन निगरानी बढ़ा रहा है।