गोरखपुर एक क्लिक से खाली हो सकता है बैंक खाता! राजघाट पुलिस ने DIET में छात्रों को सिखाए साइबर ठगी से बचने के गुर

मोबाइल पर आया अनजान लिंक, संदिग्ध मैसेज या APK फाइल आपकी मेहनत की कमाई पर भारी पड़ सकती है। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए राजघाट थाना पुलिस की साइबर हेल्प डेस्क टीम ने DIET, ट्रांसपोर्ट नगर में छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध से बचाव के जरूरी तरीके बताए। पुलिस ने खास तौर पर OTP, UPI PIN, बैंकिंग डिटेल, फर्जी लिंक और APK File Fraud को लेकर सावधान किया। साथ ही बताया कि साइबर ठगी होते ही 1930 पर तुरंत कॉल करना बेहद जरूरी है, क्योंकि शुरुआती समय में शिकायत करने से ठगी की रकम को रोकने या वापस दिलाने की संभावना बढ़ सकती है।

खबर विस्तार से

साइबर अपराध के बढ़ते खतरे के बीच राजघाट थाना पुलिस ने छात्र-छात्राओं को डिजिटल सुरक्षा को लेकर जागरूक किया। राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह अगस्त 2026 के तहत राजघाट थाना की साइबर हेल्प डेस्क टीम ने डिस्ट्रिक्ट इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (DIET), ट्रांसपोर्ट नगर में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान छात्रों को साइबर ठगी के बदलते तरीकों और उनसे बचने के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी गई।

एक क्लिक या एक गलती पड़ सकती है भारी

पुलिस टीम ने छात्रों को बताया कि साइबर अपराधी लोगों को फंसाने के लिए अलग-अलग तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। मोबाइल पर आकर्षक ऑफर, नौकरी, स्कॉलरशिप, बैंक अपडेट, KYC, बिजली बिल या अन्य जरूरी सेवाओं के नाम पर संदिग्ध लिंक भेजे जा सकते हैं। इन लिंक पर क्लिक करना या बिना जांचे कोई फाइल डाउनलोड करना आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है।

पुलिस ने छात्रों को सलाह दी कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर OTP, UPI PIN, ATM कार्ड की जानकारी, CVV, बैंक अकाउंट डिटेल या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। बैंक या किसी भरोसेमंद संस्था के नाम से आया मैसेज भी संदिग्ध लगे तो उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि करनी चाहिए।

APK File Fraud से भी किया सावधान

जागरूकता कार्यक्रम में APK फाइल के जरिए होने वाली साइबर ठगी को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई। पुलिस ने बताया कि साइबर अपराधी कई बार मोबाइल पर APK फाइल भेजकर उसे किसी ऐप, अपडेट या जरूरी दस्तावेज के नाम पर इंस्टॉल करने के लिए कहते हैं।

ऐसी फाइल इंस्टॉल करने के बाद मोबाइल की संवेदनशील जानकारी अपराधियों तक पहुंचने का खतरा हो सकता है। इसलिए छात्रों को सलाह दी गई कि अनजान नंबर से आई APK या किसी संदिग्ध ऐप को डाउनलोड और इंस्टॉल न करें और ऐप केवल भरोसेमंद आधिकारिक स्रोत से ही इंस्टॉल करें।

साइबर ठगी होते ही 1930 पर करें कॉल

पुलिस ने जागरूकता कार्यक्रम में सबसे महत्वपूर्ण बात बताते हुए कहा कि अगर किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन वित्तीय ठगी हो जाती है तो उसे घबराने के बजाय तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत करनी चाहिए।

इसके अलावा National Cyber Crime Reporting Portal (NCCRP) के माध्यम से भी साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। पुलिस के मुताबिक ठगी की जानकारी जितनी जल्दी दी जाएगी, उतनी ही जल्दी संबंधित स्तर पर कार्रवाई शुरू होने की संभावना रहती है।

गोल्डन आवर’ में शिकायत करना क्यों जरूरी?

साइबर ठगी के मामलों में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। ठगी की रकम अलग-अलग खातों या डिजिटल माध्यमों में तेजी से ट्रांसफर की जा सकती है। ऐसे में पीड़ित व्यक्ति अगर बिना देरी किए शिकायत करता है तो संबंधित एजेंसियों के लिए लेनदेन को ट्रैक करने और उपलब्ध होने पर रकम को रोकने की कोशिश करना आसान हो सकता है।

इसी वजह से पुलिस ने छात्रों को सलाह दी कि साइबर फ्रॉड होने के बाद पहले परिवार या दोस्तों से चर्चा में समय गंवाने के बजाय तुरंत 1930 पर शिकायत करें और बैंक को भी सूचना दें।

छात्रों को दिए साइबर सुरक्षा के जरूरी टिप्स

पुलिस टीम ने छात्र-छात्राओं को डिजिटल लेनदेन के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी। खास तौर पर इन बातों पर जोर दिया गया—

अनजान लिंक पर क्लिक न करें।

संदिग्ध APK फाइल डाउनलोड या इंस्टॉल न करें।

OTP और UPI PIN किसी के साथ साझा न करें।

बैंकिंग पासवर्ड और अन्य गोपनीय जानकारी सुरक्षित रखें।

सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से आने वाले संदिग्ध ऑफर से सावधान रहें।

किसी भी ऐप को आधिकारिक और भरोसेमंद स्रोत से ही डाउनलोड करें।

ऑनलाइन ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें।

साइबर अपराध की शिकायत NCCRP पोर्टल पर भी दर्ज कराएं।

संदिग्ध लेनदेन होने पर संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था को तत्काल जानकारी दें।

छात्रों में बढ़ाई डिजिटल सुरक्षा की समझ

कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को साइबर अपराध के नए तरीकों की जानकारी देकर उन्हें डिजिटल दुनिया में अधिक सतर्क बनाना रहा। पुलिस ने छात्रों से अपील की कि वे खुद जागरूक रहने के साथ-साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी साइबर ठगी से बचने के उपायों के बारे में जानकारी दें।

आज के समय में ऑनलाइन बैंकिंग, UPI और डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में थोड़ी सी सावधानी साइबर अपराध से होने वाले बड़े आर्थिक नुकसान को रोकने में अहम भूमिका निभा सकती है।