वाराणसी में तीन प्रमुख रेलवे स्टेशनों बनारस स्टेशन, काशी स्टेशन और वाराणसी कैंट स्टेशन का निरीक्षण किया है।
उन्होंने इन तीनों स्टेशनों के एकीकृत मास्टर प्लान के निर्माण का संकल्प लिया है, जिसका उद्देश्य रेलवे की क्षमता को बढ़ाना और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है।
इस मास्टर प्लान के अंतर्गत इन स्टेशनों के व्यापक विकास के लिए दीर्घकालीन योजना बनाई जाएगी। वाराणसी कैंट स्टेशन पर ट्रैफिक जाम को कम करने और शहरवासियों की सुविधा हेतु विशेष ध्यान दिया जाएगा।
बनारस स्टेशन को दक्षिण भारत की ट्रेनों के संचालन के लिए तैयार किया जाएगा, जबकि काशी स्टेशन को एक बड़े जंक्शन के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां से नई ट्रेनों का संचालन होगा।
रेल मंत्री ने कहा कि इन स्टेशनों के विकास में काशी की संस्कृति और कला के थीम का प्रयोग होगा, जिससे स्टेशन की खूबसूरती और स्थानीय पहचान बनी रहे। इसके अलावा, रोपवे का निर्माण कर वाराणसी कैंट और बनारस स्टेशन को जोड़ा जाएगा।
वाराणसी जंक्शन पर तीन नए प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे और इसके री-डेवलपमेंट की योजनाएं बनाई जा रही हैं।मालवीय ब्रिज के समानांतर प्रस्तावित सिग्नेचर ब्रिज का डिजाइन तैयार हो चुका है, जिसमें चार रेलवे लाइनें और छह हाइवे लेन होंगी।
यह ब्रिज शहर की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।रेल मंत्री ने सभी परियोजनाओं को समय पर, उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं और कहा कि यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा, और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
रेलवे अधिकारियों ने पर्यावरण के अनुकूल, स्मार्ट यात्री-केंद्रित प्रबंधन की पहल भी प्रस्तुत की है।इस प्रकार वाराणसी के तीनों बड़े स्टेशन यात्रियों के लिए आधुनिक, सुविधाजनक और सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध बनाए जाएंगे, जिससे शहर की रेलवे क्षमता और यात्री अनुभव दोनों में सुधार होगा। यह मास्टर प्लान वाराणसी को रेलवे के मामले में एक नया आयाम देगा।