कीव से बड़ी खबर सामने आई है। रूस ने एक बार फिर यूक्रेन पर अपना सबसे बड़ा हवाई हमला किया है। इस बार हमले में रूस ने 805 ड्रोन और 13 मिसाइलें दागीं। इनमें से कई को राजधानी कीव और अन्य प्रमुख शहरों की ओर निशाना बनाकर भेजा गया। इस हमले में यूक्रेन कैबिनेट का भवन भी प्रभावित हुआ, जहाँ आग लग गई और भारी नुकसान हुआ। दुखद पहलू यह रहा कि इस हमले में नवजात शिशु समेत चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।
यह पहला मौका है जब रूस ने किसी सरकारी प्रतिष्ठान को सीधे तौर पर निशाना बनाया। कैबिनेट भवन यूक्रेन के कैबिनेट का मुख्यालय है, जहाँ मंत्रियों के कार्यालय स्थित हैं। यूक्रेन की वायुसेना का कहना है कि इस हमले में 751 ड्रोन और 11 मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया गया, लेकिन कई हमले इतने घातक थे कि इमारतें बच नहीं पाईं।
प्रधानमंत्री डेनिस शिमहाल ने कहा कि दुश्मन का हमला कई सरकारी इमारतों तक पहुंच गया है। फिर भी यूक्रेन के सुरक्षा बलों ने बड़ी संख्या में हमलों को विफल किया। अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन के टकराने से राजधानी कीव की 16 मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई। साथ ही दो मंजिला सरकारी इमारत भी जलकर खाक हो गई।
जानबूझकर किया गया अपराध – जेलेंस्की
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस हमले को “जानबूझकर किया गया अपराध” करार दिया। उन्होंने कहा कि रूस की बर्बर कार्रवाई से यूक्रेन में मासूम नागरिक, बच्चे और महिलाएँ निशाना बन रही हैं। जेलेंस्की ने सहयोगी देशों से अपील की कि वे यूक्रेन की हवाई सुरक्षा को और मजबूत करने में मदद करें।
उनका कहना था कि रूस लगातार तेल और गैस भंडारण, ऊर्जा ठिकानों और सरकारी भवनों को निशाना बना रहा है। ऐसे में आधुनिक सुरक्षा प्रणाली की बेहद आवश्यकता है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। पश्चिमी देशों ने रूस की इस कार्रवाई की निंदा की है और इसे युद्ध अपराध की संज्ञा दी है। अमेरिका और यूरोपीय देशों ने कहा है कि रूस के इस कदम से युद्ध और भी खतरनाक हो सकता है।
निष्कर्ष
805 ड्रोन और 13 मिसाइलों से किया गया यह हमला रूस-यूक्रेन युद्ध की भयावहता को एक बार फिर उजागर करता है। सरकारी भवनों को निशाना बनाए जाने से यह साफ हो गया है कि रूस अब यूक्रेन की राजनीतिक और प्रशासनिक प्रणाली को सीधा चुनौती दे रहा है। यह हमला न सिर्फ यूक्रेन बल्कि पूरी दुनिया के लिए खतरे की घंटी है।