गोरखपुर में अपराध की एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे शहर को हिला दिया है। एम्स थाना क्षेत्र के रजही गांव (मौर्या चौराहे के पास) में 5 जनवरी 2026 की शाम रिटायर्ड लेखपाल बालेंद्र सिंह के घर चार नकाबपोश हथियारबंद बदमाशों ने धावा बोल दिया। बदमाशों ने परिवार को बंधक बनाकर करीब 45 मिनट तक घर में लूटपाट की और लगभग 84 लाख रुपये मूल्य के गहने व नकदी लूटकर फरार हो गए। यह वारदात शाम करीब 6:30 बजे हुई, जब घर में लेखपाल और उनका परिवार मौजूद था।
वारदात कैसे हुई: घंटी बजी और सिर पर पिस्टल तान दी
रिटायर्ड लेखपाल बालेंद्र सिंह अपने परिवार के साथ घर पर थे। शाम के समय डोरबेल बजी। जैसे ही दरवाजा खोला गया, चार नकाबपोश बदमाश अंदर घुस आए और सिर पर पिस्टल तान दी। बदमाशों ने पूरे परिवार को बंधक बना लिया और घर की तलाशी लेनी शुरू कर दी। वे लगातार 50 लाख रुपये नकदी की बात कर रहे थे और दावा कर रहे थे कि उन्हें उनके ‘आदमी’ से जानकारी मिली है।
बदमाशों ने अलमारियां तोड़ीं, गहनों की पेटियां खंगालीं और नकदी इकट्ठा की। करीब 45 मिनट तक घर में आतंक मचाने के बाद वे लूट का माल लेकर फरार हो गए। बदमाश दो बाइकों पर आए थे और लूट के बाद घर के बगल वाले खाली खेत की तरफ भाग निकले। परिवार को धमकी दी गई कि अगर शोर मचाया तो अंजाम बुरा होगा।
पुलिस को मुखबिरी का शक: किसी अपने ने दी सूचना?
*पुलिस को इस वारदात में किसी करीबी या अपने व्यक्ति की मुखबिरी का शक है। बदमाशों को घर में नकदी और गहनों की सटीक जानकारी थी, जो बिना इनसाइड सूचना के मुश्किल लगती है। एम्स थाना पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। एसएसपी गोरखपुर के निर्देश पर कई टीमें गठित की गई हैं। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और आसपास के इलाकों में छापेमारी की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि बदमाश प्रोफेशनल लगते हैं और उन्होंने वारदात को अंजाम देने से पहले रेकी की होगी। रजही गांव एम्स के पास होने से इलाका व्यस्त है, लेकिन शाम के समय वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है।
परिवार में दहशत: लेखपाल ने क्या कहा?
रिटायर्ड लेखपाल बालेंद्र सिंह और उनका परिवार सदमे में हैं।
उन्होंने पुलिस को तहरीर दी कि बदमाशों ने हथियारों के बल पर उन्हें बंधक बनाया और लूटपाट की।
लूटी गई संपत्ति में सोने-चांदी के गहने और नकदी शामिल है,
जिसकी अनुमानित कीमत 84 लाख रुपये है। परिवार ने बताया कि बदमाश बहुत आक्रामक थे
और लगातार नकदी की तलाश कर रहे थे।
यह वारदात गोरखपुर में बढ़ते अपराध की ओर इशारा कर रही है।
योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के बावजूद ऐसी वारदातें चिंता बढ़ा रही हैं।
स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि पुलिस जल्द बदमाशों को पकड़े।
अपराध पर लगाम की जरूरत: क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी वारदातों में मुखबिरी की भूमिका बड़ी होती है।
गोरखपुर जैसे शहरों में नाइट पेट्रोलिंग बढ़ाने और सीसीटीवी कवरेज की जरूरत है।
पुलिस को तकनीकी जांच पर जोर देना चाहिए,
जैसे मोबाइल लोकेशन और संदिग्धों की मॉनिटरिंग।