पीडीटी में दूसरे दिन पकड़े गए 21 सॉल्वर नकलची, दो दिनों में 31 की हुई गिरफ्तारी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आयोजित प्राथमिक पात्रता परीक्षा (पीडीटी) के दौरान नकल माफिया पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। रविवार को परीक्षा के दूसरे दिन 21 सॉल्वर व नकलची पकड़े गए। इससे पहले पहले दिन 10 नकलची पुलिस के हत्थे चढ़े थे। यानी दो दिनों में कुल 31 सॉल्वर और नकलची गिरफ्तार किए जा चुके हैं। परीक्षा में इस बार नकल रोकने के लिए आयोग ने कई सख्त कदम उठाए थे।
रविवार की परीक्षा में कुल 77 प्रतिशत परीक्षार्थियों ने उपस्थिति दर्ज कराई। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) की ओर से यह परीक्षा 48 जिलों के 1479 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित हुई। सभी परीक्षार्थियों का बायोमैट्रिक सत्यापन (फोटो और आईरिस स्कैन) कराया गया ताकि किसी भी तरह का फर्जीवाड़ा न हो सके। शॉर्टलिस्ट हुए अभ्यर्थियों की बायोमैट्रिक पहचान को बाद में भी मैच कराया जाएगा।
परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका पर कई जगहों पर जांच की गई। पहली पाली में मिर्जापुर से दो, गाजीपुर, गाजियाबाद, बुलंदशहर, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी और जालौन से एक-एक सॉल्वर पकड़े गए। दूसरी पाली में प्रयागराज, सहारनपुर, बुलंदशहर, जालौन, आगरा, मैनपुरी, हाथरस, अंबेडकरनगर, मथुरा, अलीगढ़ और अयोध्या से भी एक-एक सॉल्वर गिरफ्तार किए गए।
अंबेडकरनगर के रामबाई राजकीय महिला डिग्री कॉलेज में अरुण कुमार यादव नामक युवक पकड़ा गया, जो आजमगढ़ निवासी है। वह जौनपुर के शैलेन्द्र सिंह यादव की जगह परीक्षा दे रहा था। इसी तरह महराजगंज में एक अभ्यर्थी को अनुचित साधन का प्रयोग करते हुए पकड़ा गया।
रविवार की पहली पाली में कुल 4,86,909 परीक्षार्थी उपस्थित हुए, जबकि 1,46,090 अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली में 4,90,282 परीक्षार्थी उपस्थित और 1,42,717 अनुपस्थित पाए गए। शाहजहांपुर में बनाए गए छह नए परीक्षा केंद्रों पर 76.20 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई।
कुल मिलाकर आयोग और पुलिस प्रशासन की सख्ती से बड़ी संख्या में नकलची पकड़े गए हैं। अब तक 31 लोगों की गिरफ्तारी से यह साफ है कि परीक्षा को पारदर्शी और नकलमुक्त बनाने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।