Reliance Industries Ltd (RIL) ने Q2 FY26 के लिए शानदार वित्तीय परिणाम घोषित किए हैं, जिसमें इस तिमाही का शुद्ध लाभ 14% की वृद्धि के साथ 22,092 करोड़ रुपये पहुंच गया है, जबकि EBITDA में 15% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस दौरान कंपनी का कुल राजस्व 2.59 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के 2.35 लाख करोड़ रुपये से लगभग 10% अधिक है।
Q2 में रिलायंस की मुख्य व्यवसाय इकाई, ऑयल टू केमिकल (O2C) सेक्टर में राजस्व 3.2% बढ़कर 1.6 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि इस सेक्टर का EBITDA 20.9% की भारी बढ़ोतरी के साथ 15,008 करोड़ रुपये पहुंचा। उत्पादन भी सालाना आधार पर 2.3% बढ़ा, जो मुख्य और द्वितीयक दोनों इकाइयों से संबंधित है। Jio bp नेटवर्क ने भी अलग-अलग क्षेत्रों में 236 नए आउटलेट जोड़े, जिससे हाई-स्पीड डीजल का वॉल्यूम 34% और पेट्रोल का 32% तक बढ़ा।
रिटेल सेक्टर ने भी जबरदस्त प्रदर्शन किया, जिसमें राजस्व 19% ऊपर 90,544 करोड़ रुपये रहा और EBITDA अनुमान से बेहतर रहा। इसके साथ ही, जियो की उपभोक्ता संख्या 5 करोड़ (500 मिलियन) के पार चली गई, और ARPU (Average Revenue Per User) 8.4% की वृद्धि के साथ 211.4 रुपये प्रति ग्राहक हो गया।
मुकेश अंबानी, चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर ने कहा कि डिजिटल सर्विसेज बिजनेस में Jio की प्रगति जारी है, जो भारत में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी को मजबूत कर रहा है। रिटेल सेक्टर में न केवल वॉल्यूम बढ़ा बल्कि ऑपरेशनल एफिशियंसी और नए स्टोर उद्घाटन ने भी विकास को सहायता दी है। जुलाई-सितंबर तिमाही में रिलायंस ने व्यापक आर्थिक और क्षेत्रीय अनिश्चितताओं के बावजूद स्थिर और संरचनात्मक विकास की ओर बढ़त दिखाई है
O2C व्यवसाय की सफलता में सुधारित रिफाइनिंग मार्जिन और घरेलू बाजारों पर ध्यान केंद्रित करने का बड़ा योगदान रहा है। Downstream केमिकल्स में कुछ ओवरकैपेसिटी की चुनौतियां बनी हुई हैं, लेकिन रिलायंस की इंटीग्रेटेड और वर्चुअल एथेन पाइपलाइन जैसी तकनीकी परियोजनाओं ने स्थिति को संभाले रखा है।
ग्राहकों के व्यवहार में भी बदलाव देखते हुए, रिटेल ने पॉजिटिव मैट्रिक्स दिखाया है, खासकर त्योहारों के मौसम में खरीदारी में तेजी से। Isha Ambani ने कहा कि GST सुधार से खपत में तेजी आएगी और उपभोक्ता को कीमतों में राहत मिलेगी, जो रिलायंस रिटेल के लिए सकारात्मक होगा।
अंत में, कुल मिलाकर रिलायंस ने Q2 FY26 में 14.6% की EBITDA ग्रोथ के साथ एक स्थिर, बेहतर और लाभप्रद तिमाही प्रदर्शित की है। कंपनी के डिजिटल, रिटेल और O2C सेक्टर्स में लगातार विस्तार और नई तकनीकों के इस्तेमाल ने वित्तीय तकनीकी क्षमताओं को मजबूत किया है और भविष्य की विकास संभावनाएं उज्ज्वल दिखाई दे रही हैं।