गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र-323 के मंझरिया चौराहा इलाके में 14 गांवों की ज़मीन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। जानकारी के अनुसार, गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) इन गांवों की कृषि भूमि को अपने अधिग्रहण क्षेत्र में शामिल करने की प्रक्रिया में है। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी पैतृक ज़मीन पर बिना उचित मुआवज़ा और पुनर्वास योजना के अधिग्रहण किया जा रहा है।इस मुद्दे को लेकर सभी 14 गांवों के ग्रामीणों ने एकजुट होकर जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना देने का निर्णय लिया था। गांव-गांव से लोग जुलूस की शक्ल में डीएम कार्यालय जाने की तैयारी कर रहे थे। लेकिन प्रशासन ने हालात बिगड़ने की आशंका जताते हुए इस धरना-प्रदर्शन पर रोक लगा दी।प्रशासन का तर्क है कि मामला कानून-व्यवस्था से जुड़ा है, इसलिए बिना अनुमति धरना देने की इजाज़त नहीं दी जा सकती। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने डीएम दफ्तर जा रहे थे और उनकी आवाज़ को दबाना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी ज़मीन अधिग्रहण का फैसला वापस नहीं लिया गया या पारदर्शी ढंग से उचित मुआवज़ा व पुनर्वास नहीं दिया गया, तो वे बड़े आंदोलन की राह पर चलेंगे।👉 यह पूरा मामला अब प्रशासन बनाम ग्रामीण आमने-सामने का रूप ले चुका है और आने वाले दिनों में गोरखपुर ग्रामीण क्षेत्र में तनाव बढ़ने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।