Pakistan Cricket Crisis: पाकिस्तान क्रिकेट टीम इस समय खराब दौर से गुजर रही है। लगातार कमजोर प्रदर्शन, टीम में बदलाव और नेतृत्व से जुड़े सवालों के बीच पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज मोहम्मद यूसुफ ने टीम की मौजूदा स्थिति को लेकर चौंकाने वाला विश्लेषण दिया है। यूसुफ के मुताबिक, पाकिस्तान क्रिकेट के पतन की एक बड़ी वजह 2021 टी20 विश्व कप में भारत के खिलाफ मिली ऐतिहासिक 10 विकेट की जीत भी रही।
यूसुफ का कहना है कि भारत के खिलाफ उस जीत के बाद कुछ खिलाड़ियों के भीतर यह भावना पैदा हो गई कि उन्होंने बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। इसके बाद टीम के लिए आगे की दिशा तय करना मुश्किल हुआ और ड्रेसिंग रूम में कप्तानी को लेकर प्रतिस्पर्धा जैसी समस्याएं भी बढ़ीं।
भारत के खिलाफ वह ऐतिहासिक मुकाबला क्या था?
2021 टी20 विश्व कप में दुबई के मैदान पर पाकिस्तान ने भारत को 10 विकेट से हराया था। यह विश्व कप के इतिहास में भारत के खिलाफ पाकिस्तान की पहली जीत थी।
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 151 रन बनाए थे। इसके जवाब में पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए बिना विकेट गंवाए लक्ष्य हासिल कर लिया। बाबर आजम ने नाबाद 68 और रिजवान ने नाबाद 79 रन बनाए थे।
उस समय इस जीत को पाकिस्तान क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि माना गया था। हालांकि, करीब पांच साल बाद मोहम्मद यूसुफ ने इसी जीत को टीम के बाद के उतार-चढ़ाव से जोड़ते हुए अलग नजरिया पेश किया है।
‘उस जीत ने हमें बहुत नुकसान पहुंचाया’
मोहम्मद यूसुफ ने एक बातचीत के दौरान कहा कि 2021 में भारत के खिलाफ मिली जीत के बाद खिलाड़ियों को लगा कि उन्होंने कुछ बहुत बड़ा हासिल कर लिया है। उनके मुताबिक, समस्या यहीं से शुरू हुई कि खिलाड़ी उस उपलब्धि के बाद आगे क्या करना है, इसे लेकर स्पष्ट नहीं रहे।
यूसुफ ने खिलाड़ियों के रवैये पर भी सवाल उठाया। उनका कहना है कि किसी भी बड़ी सफलता के बाद खिलाड़ी को विनम्र रहना चाहिए। यदि सफलता के बाद अहंकार या दूसरों के प्रति अनादर का रवैया आ जाए तो टीम के भीतर समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
कप्तानी की होड़ ने भी बढ़ाई मुश्किल
पूर्व पाकिस्तानी कप्तान ने सिर्फ भारत के खिलाफ जीत को ही जिम्मेदार नहीं बताया। उन्होंने टीम के भीतर कप्तानी की होड़ को भी पाकिस्तान क्रिकेट की समस्याओं से जोड़कर देखा।
यूसुफ के अनुसार, टीम में कई खिलाड़ी कप्तान बनने की कोशिश कर रहे थे। इससे ड्रेसिंग रूम का माहौल प्रभावित हुआ और इसका असर पाकिस्तान क्रिकेट पर लंबे समय तक पड़ा।
उनका कहना है कि पिछले चार-पांच वर्षों के प्रदर्शन को देखने पर टीम की समस्याएं साफ दिखाई देती हैं। बड़े टूर्नामेंटों में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं हो सका और टीम में लगातार बदलाव होते रहे।
खिलाड़ियों ने नहीं ली जिम्मेदारी?
मोहम्मद यूसुफ ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी PCB की भूमिका और खिलाड़ियों की जवाबदेही पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि बोर्ड की ओर से टीम को संभालने के लिए लगातार प्रयास किए गए। कोच बदले गए और कई स्तरों पर बदलाव किए गए, लेकिन उनके
अनुसार खिलाड़ियों की तरफ से पर्याप्त जिम्मेदारी लेने की कमी दिखाई दी।
यूसुफ का मानना है कि केवल कोच बदलने या टीम में कुछ नए खिलाड़ियों को
शामिल करने से समस्या का समाधान नहीं हो सकता। मैदान पर प्रदर्शन करने वाले
खिलाड़ियों को भी अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी होगी।
इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तान की मुश्किलें
यूसुफ का बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान क्रिकेट टीम इंग्लैंड दौरे पर मुश्किल दौर से गुजर रही है।
शुरुआती दो टेस्ट में पाकिस्तान को भारी हार का सामना करना पड़ा। हेडिंग्ले टेस्ट में
टीम पारी और 103 रन से हारी, जबकि लॉर्ड्स टेस्ट में उसे 194 रन से शिकस्त मिली।
इन नतीजों के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने तीसरे टेस्ट से पहले टीम में बड़ा बदलाव किया।
सात खिलाड़ियों को वापस पाकिस्तान भेजा गया और कोचिंग स्टाफ में भी
परिवर्तन किया गया। इस फैसले ने क्रिकेट जगत में काफी चर्चा पैदा की।
यूसुफ ने हालांकि PCB के इस कदम का विरोध नहीं किया। उनका मानना है कि
बोर्ड को टीम की खराब स्थिति को देखते हुए फैसले लेने का अधिकार है।
सिर्फ एक सीरीज को जिम्मेदार नहीं मानते यूसुफ
मोहम्मद यूसुफ के बयान से यह संकेत मिलता है कि वह पाकिस्तान की मौजूदा परेशानी को सिर्फ
इंग्लैंड सीरीज से जोड़कर नहीं देखते। उनके मुताबिक, पिछले कई वर्षों में वनडे विश्व कप, टी20 विश्व कप,
एशिया कप और चैंपियंस ट्रॉफी जैसे बड़े टूर्नामेंटों में टीम के प्रदर्शन की समीक्षा की जरूरत है।
पाकिस्तान 2022 टी20 विश्व कप के फाइनल और एक एशिया कप के
फाइनल तक जरूर पहुंचा, लेकिन इसके बाद टीम के प्रदर्शन में निरंतरता नहीं रही।
क्या वाकई भारत को हराना पाकिस्तान के लिए नुकसानदायक रहा?
यूसुफ का यह आकलन निश्चित रूप से चर्चा का विषय है। भारत पर 10 विकेट की जीत अपने
आप में पाकिस्तान क्रिकेट के इतिहास की बड़ी उपलब्धियों में शामिल थी। किसी एक मुकाबले को
कई वर्षों की खराबी का अकेला कारण मानना हालांकि एक राय है, स्थापित तथ्य नहीं।
पाकिस्तान क्रिकेट की समस्याओं में चयन प्रक्रिया, कप्तानी में बदलाव, कोचिंग,
खिलाड़ियों का प्रदर्शन और क्रिकेट प्रशासन जैसे कई पहलू शामिल हो सकते हैं। इसलिए यूसुफ का
बयान पाकिस्तान क्रिकेट की मौजूदा स्थिति पर उनका विश्लेषण माना जाना चाहिए।
निष्कर्ष
भारत के खिलाफ 2021 टी20 विश्व कप की ऐतिहासिक जीत पाकिस्तान क्रिकेट के लिए
गौरव का क्षण थी, लेकिन अब पूर्व कप्तान मोहम्मद यूसुफ ने इसी जीत को
टीम के बाद के पतन से जोड़कर नया विवाद खड़ा कर दिया है।
यूसुफ के मुताबिक, उस जीत के बाद कुछ खिलाड़ियों में उपलब्धि का अहसास जरूरत से ज्यादा बढ़ गया,
कप्तानी की होड़ ने टीम के भीतर समस्याएं पैदा कीं और खिलाड़ियों ने पर्याप्त जिम्मेदारी नहीं ली।
पाकिस्तान क्रिकेट की मौजूदा स्थिति में यह बयान आने वाले दिनों में चर्चा का बड़ा विषय बन सकता है।
read this post :यूपी बीजेपी में फिर बड़ा संगठनात्मक बदलाव संभव, जिला प्रभारियों पर भी गिरेगी गाज; टिकट दावेदारों की बढ़ी बेचैनी
