बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मुखिया और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने आगामी चुनावी माहौल को ध्यान में रखते हुए सवर्ण समाज की ओर एक बार फिर रुख किया है। उन्होंने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को सवर्ण समुदाय से जुड़ाव बढ़ाने का स्पष्ट संदेश दिया है। मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश के सवर्ण मतदाता अब पहले से कहीं अधिक जागरूक हैं और उन्हें सम्मान और भरोसे की राजनीति चाहिए, न कि भेदभाव और झूठे वादों की।

हाल ही में लखनऊ में आयोजित पार्टी बैठक के दौरान मायावती ने कार्यकर्ताओं को सवर्ण मतदाताओं तक अपनी पार्टी का संदेश पहुंचाने के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बसपा का मूल सिद्धांत “सबका साथ, सबका विकास” की भावना से प्रेरित रहा है और सवर्ण समाज भी बसपा के सामाजिक न्याय और समानता के एजेंडे का हिस्सा है।
मायावती ने बैठक में कहा कि केवल दलित और पिछड़े वर्गों को ही नहीं, बल्कि सवर्ण वर्ग को भी यह महसूस कराना जरूरी है कि बसपा हर वर्ग के सम्मान और विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण, ठाकुर और वैश्य समाज के लोगों को बसपा के सामाजिक सरोकारों से जोड़ने के लिए जमीनी स्तर पर अभियान चलाया जाना चाहिए।
