गोरखपुर के अनमोल रत्न, हिंदी साहित्य के महान पुरोधा प्रोफेसर रामदरश मिश्र का दिल्ली में निधन हो गया। उनका 101 वर्ष की आयु में निधन हुआ, जिससे हिंदी साहित्य जगत ने एक अतुलनीय रचनाकार और विचारक को खो दिया। उनका अंतिम संस्कार आज दिल्ली के मंगोलपुरी में किया जाएगा।
हिंदी साहित्य के शिखर पुरोधा प्रो. रामदरश मिश्र का 101 वर्ष की आयु में निधन, गोरखपुर ने खोया अपना अनमोल रत्न
हिंदी साहित्य जगत के लिए 31 अक्टूबर 2025 की सुबह एक दुःखद खबर लेकर आई। हिंदी कविता, उपन्यास, संस्मरण और आलोचना के क्षेत्र में अपूर्व योगदान देने वाले प्रोफेसर रामदरश मिश्र अब हमारे बीच नहीं रहे।
शुक्रवार सुबह दिल्ली में उनका निधन हो गया। अंतिम संस्कार आज दिल्ली के मंगोलपुरी में संपन्न होगा।प्रो. मिश्र का जन्म गोरखपुर के डुमरी गांव में हुआ था। गाँव की मिट्टी, पुरखों के संस्मरण, खेत-खलिहान, सांस्कृतिक विरासत उनकी रचनाओं का अभिन्न हिस्सा रहे।
भारतीय संस्कृति में गहरे रचे-बसे मिश्र जी अपने जीवनभर गांव, समाज और मानवता के संघर्षों, आशाओं और हर्ष–विषाद को अपनी लेखनी से जीवंत करते रहे।