फिशरमैन वर्ल्ड न्यूज रिपोर्ट
📍 गोरखपुर से बड़ी खबर
जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बेहतर संवाद और आपसी तालमेल से ही विकास कार्यों को गति मिल सकती है। इसी दिशा में गोरखपुर के एनसीसी भवन में जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति (दिशा) की बैठक आयोजित हुई। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री और बांसगांव सांसद कमलेश पासवान ने की।
बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे जनप्रतिनिधियों के साथ निरंतर संवाद करें और विकास कार्यों से संबंधित हर जानकारी उन्हें समय-समय पर उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि अधिकारी और जनप्रतिनिधि दोनों ही समाज और जनता की भलाई के लिए कार्य करते हैं, इसलिए विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और समन्वय होना बेहद जरूरी है।
👉 बैठक की मुख्य बातें
- जिले में चल रही विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई।
- बताया गया कि अब तक 1,36,521 ग्रामीण परिवारों को डिजिटल घरौनी उपलब्ध कराई जा चुकी है।
- प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत सरोवर, स्वामित्व योजना, आयुष्मान भारत योजना, परिवार कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा और पेयजल योजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
- सांसद और जनप्रतिनिधियों ने भी अपने क्षेत्रों से जुड़ी समस्याएं और सुझाव रखे।
💬 केंद्रीय राज्य मंत्री का बयान
“अधिकारियों को चाहिए कि वे जनप्रतिनिधियों को हर विकास कार्य की जानकारी दें। जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए पारदर्शिता और जनप्रतिनिधियों से तालमेल बेहद आवश्यक है।”
📌 इस मौके पर विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे और उन्होंने अपने-अपने विभागीय कार्यों की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की।
👉 कुल मिलाकर बैठक का मुख्य उद्देश्य यह रहा कि जनप्रतिनिधियों की भूमिका को और सशक्त बनाते हुए जनता तक योजनाओं का लाभ तेज़ी और पारदर्शिता से पहुंचाया जाए।