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चौरा गोलीकांड में घायल युवक की मौत
स्टाफ रिपोर्ट | फिशरमैन वर्ल्ड न्यूज़
गोरखपुर जनपद के सरदारनगर थाना क्षेत्र से बड़ी खबर सामने आई है। चौरा गांव में 27 अप्रैल की रात गोलीकांड का शिकार हुए युवक की मौत हो गई है। तकरीबन चार महीने से लखनऊ के केजीएमयू में चल रहे इलाज के बाद रविवार देर रात युवक ने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद पूरे परिवार और इलाके में कोहराम मच गया है।
मृतक की पहचान
मृतक युवक का नाम आशीष ठाकुर (26 वर्ष) बताया जा रहा है। गोलीकांड के बाद से वह गंभीर रूप से घायल था और लगातार जीवन-मृत्यु से जूझ रहा था।
घटना का विवरण
घटना 27 अप्रैल की शाम की है। बताया जाता है कि गांव के ही पुरानी रंजिश को लेकर आशीष ठाकुर अपने दोस्तों के साथ घर के बाहर बैठे थे। तभी आरोपियों ने वहां पहुंचकर पहले पथराव किया और उसके बाद गोलियां चलाईं।
इस गोलीकांड में आशीष गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बाद उन्हें पहले जिला अस्पताल और फिर लखनऊ के केजीएमयू में भर्ती कराया गया। वहीं इलाज के दौरान उन्होंने रविवार देर रात अंतिम सांस ली।
परिजनों में मातम
आशीष की मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का कहना है कि हमलावरों ने पहले से ही धमकी दी थी और जानबूझकर इस घटना को अंजाम दिया गया। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस कार्रवाई
पुलिस ने अब इस मामले में हत्या की धारा (302) जोड़ दी है। पुलिस के अनुसार इस घटना में शामिल आरोपियों में छग्गूर यादव, उसका भाई मुन्ना यादव, इसराफिल उर्फ फातिल, आकाश, आशिष जायसवाल, ऋषभ राजभर और लक्ष्मी समेत कई नाम शामिल हैं।
गौरतलब है कि घटना के बाद कई आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं, जबकि कुछ अब भी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने सभी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश तेज कर दी है।
गांव में दहशत
युवक की मौत के बाद चौरा गांव और आसपास के इलाके में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि आए दिन पुरानी रंजिश के चलते ऐसी घटनाएँ घट रही हैं। लोग अब खुलेआम घर से बाहर निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं।
निष्कर्ष
चौरा गोलीकांड में घायल युवक की मौत ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। पुलिस अब इस घटना को हत्या के मामले के रूप में दर्ज कर आगे की कार्रवाई कर रही है। लेकिन सवाल यह है कि बार-बार एक ही इलाके में गोलीबारी और रंजिशी विवाद क्यों सामने आते हैं और प्रशासन इन्हें रोकने में कितनी गंभीरता दिखाता है?