फिशरमैन चंद्रभान निषाद वास्तव में भारत के लिए एक सराहनीय और दूरदर्शी सोच रखने वाले विचारशील व्यक्तित्व हैं। उनका मानना है कि शिक्षा ही सशक्त भारत की असली नींव है, और इसलिए वे “मुक्ति – दवाई मुक्त पढ़ाई” की आवाज़ को बुलंद कर रहे हैं।
उनकी इस पहल का मकसद यह है कि भारतवर्ष का हर बच्चा और युवा स्वस्थ रहते हुए शिक्षा प्राप्त करे, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की नशे या हानिकारक दवाइयों पर निर्भर न रहना पड़े। वे यह संदेश देना चाहते हैं कि सही जीवनशैली, स्वच्छता और जागरूकता से इंसान को दवाइयों पर कम से कम निर्भर रहना चाहिए। साथ ही, शिक्षा ऐसी हो जो हर वर्ग तक निःशुल्क पहुँचे, ताकि आर्थिक स्थिति चाहे जैसी भी हो, कोई भी बच्चा पढ़ाई से वंचित न रह जाए।
चंद्रभान निषाद का यह विचार न केवल स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में क्रांति लाने वाला है, बल्कि यह समस्त भारतवर्ष को आत्मनिर्भर और जागरूक बनाने का भी मार्ग है। वे समाज को यह संदेश दे रहे हैं कि स्वस्थ शरीर और शिक्षित मस्तिष्क ही एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।
