अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल और हमास के बीच चल रहे गाजा संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक ऐतिहासिक शांति योजना पेश की है, जिसमें जमीनी स्थिति और दोनों पक्षों के बीच कई दौर की बातचीत के बाद इजरायल अब गाजा में ‘प्रारंभिक वापसी रेखा’ (initial withdrawal line) पर सहमत हो गया है
। यह रेखा गाजा क्षेत्र की सीमा पर निर्धारित की गई है और इस पर इजरायली सेना धीरे-धीरे पीछे हटने के लिए तैयार है, बशर्ते हमास इसकी पुष्टि कर दे। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह जानकारी साझा की और चेतावनी भी दी कि अगर हमास ने समझौते में देर की या अस्वीकार कर दिया तो उसके परिणाम बहुत गंभीर हो सकते हैं
शांति प्रस्ताव और युद्धविराम की शर्तेंट्रंप की 20-पॉइंट शांति योजना के अनुसार, जैसे ही हमास सीमाएं स्वीकार करता है और पुष्टि करता है, युद्धविराम तुरंत प्रभावी हो जाएगा। इसके तहत सबसे पहले बंधकों तथा कैदियों की अदला-बदली की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें इजरायली बंधकों के बदले सैकड़ों फिलिस्तीनी कैदियों को छोड़ा जाएगा।
इसके बाद गाजा में प्रशासनिक जिम्मेदारी धीरे-धीरे फिलिस्तीनी प्राधिकरण (Palestinian Authority) को सौंपने का रास्ता खुल जाएगा हमास को स्पष्ट चेतावनीराष्ट्रपति ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर हमास समझौते से मुकरता है या फिर समय नष्ट करता है तो अमेरिका और इजरायल मिलकर हमास को पूरी तरह खत्म कर देंगे। उनका कहना है, “
अगर हमास जल्द निर्णय नहीं लेता तो यह जीवनदायिनी शांति प्रक्रिया और सभी शर्तें रद्द मानी जाएंगी तथा भविष्य में कोई मौका नहीं मिलेगा।” ट्रंप ने यह भी कहा कि “मैं देरी कतई बर्दाश्त नहीं करूंगा, और हाथ पर हाथ रखकर बैठने का समय अब खत्म हो चुका है”
इजरायली प्रधानमंत्री और क्षेत्रीय प्रतिक्रियाइजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस पहल का समर्थन करते हुए कहा है कि आने वाले सप्ताह में युद्धविराम और बंधकों की रिहाई संभव है। इस्राइल ने बमबारी भी अस्थायी रूप से रोक रखी है ताकि शांति योजना को लागू किया जा सके, लेकिन वे लगातार यह भी कहते आ रहे हैं
कि गाजा में पूर्ण सुरक्षा बहाल किए बिना अंतिम वापसी नहीं होगी।क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक प्रयासइस महत्वपूर्ण डील को अंतिम रूप देने के लिए अमेरिकी मध्यस्थता के तहत मिस्र में हमास और इजरायली प्रतिनिधिमंडल की मुलाकातें जारी हैं। अमेरिका ने भी मिस्र और कतार के अधिकारियों को दूत भेजे हैं
, ताकि दोनों पक्षों में विश्वास बहाली हो सके और युद्ध स्थायी रूप से खत्म किया जा सके। यह संवाद इसीलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि ये 3,000 वर्षों से जारी इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष में निर्णायक मोड़ लाने की क्षमता रखता है मानवीय संकट और हताहतगाजा फिलहाल भयानक मानवीय संकट झेल रहा है।
लगभग 90% आबादी विस्थापित हो चुकी है पिछले दो वर्षों में अनुमानित 67,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं और 1.7 लाख से ज्यादा घायल हुए हैं। इजरायली हमले और हमास के जवाबी हमले में भारी जनहानि के साथ-साथ शरणार्थियों, भूख, और चिकित्सा संकट की स्थिति बन चुकी है। संयुक्त राष्ट्र सहित कई मानवीय संगठन युद्धविराम को तत्काल लागू करने की मांग कर रहे हैं
जुलाई में भी हमास को दिखाया गया था नक्शाखबरों के अनुसार, जुलाई 2025 में भी इसी तरह का नक्शा और शांति प्रस्ताव हमास को दिखाया गया था, लेकिन उस समय सहमति नहीं बन पाई थी इस बार अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय यह मान रहे हैं कि मौजूदा दबाव और मानवीय संकट के मद्देनज़र समझौता संभव दिख रहा है।भविष्य की संभावनाएंराष्ट्रपति ट्रंप के मुताबिक, “यह ऐतिहासिक क्षण है
जो 3,000 साल पुरानी तबाही के अंत की ओर पहला ठोस कदम साबित हो सकता है। अगले चरणों में कैदियों की रिहाई व प्रशासन का हस्तांतरण हो जाएगा और उम्मीद है कि गाजा स्थायी शांति की ओर बढ़ सकेगा”अब सबकी नजरें हमास की प्रतिक्रिया पर हैं।
जैसे ही हमास प्रस्ताव पर पुष्टि करता है, युद्धविराम की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी और फिलहाल यही इंसानियत और क्षेत्रीय स्थिरता का सर्वोत्तम मार्ग माना जा रहा है यह विस्तृत विवरण उपरोक्त खबर के विभिन्न पहलुओं को समेटता है—राजनीतिक, सैन्य, मानवीय और कूटनीतिक प्रयासों से लेकर क्षेत्रीय नेतृत्व की प्रतिक्रियाओं तक