उत्तर प्रदेश में आयुष इंटर्न डॉक्टरों ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज तेज कर दी है। आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी चिकित्सा पद्धति से जुड़े इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि वे अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की देखभाल समेत कई जिम्मेदारियां निभाते हैं, लेकिन उन्हें लंबे समय से महज 7,500 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड मिल रहा है। डॉक्टरों की मांग है कि उनका स्टाइपेंड बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए।
लखनऊ में आयुष इंटर्न डॉक्टरों ने गांधी प्रतिमा पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान डॉक्टर हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर पहुंचे। उनके पोस्टरों पर ‘आयुष का सम्मान बढ़ाओ, 25 हजार स्टाइपेंड बढ़ाओ’ और ‘मेहनत हमारी पूरी है, 25 हजार की मांग जरूरी है’ जैसे संदेश लिखे थे।
15 साल से 7,500 रुपये पर अटका स्टाइपेंड
आयुष इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि उनका मानदेय लंबे समय से नहीं बढ़ाया गया है। वाराणसी में हुए प्रदर्शन की रिपोर्ट के अनुसार, आयुष इंटर्न डॉक्टरों को करीब 15 साल से 7,500 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलने की शिकायत है। डॉक्टरों का तर्क है कि महंगाई बढ़ने के बावजूद उनके स्टाइपेंड में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इंटर्नशिप के दौरान वे अस्पतालों में नियमित रूप से काम करते हैं और मरीजों की देखभाल में चिकित्सकीय टीम का हिस्सा होते हैं। ऐसे में उन्हें मिलने वाला स्टाइपेंड उनकी जिम्मेदारियों और वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप नहीं है।
MBBS-BDS इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ने के बाद उठी समानता की मांग
आयुष इंटर्न डॉक्टरों की मांग ऐसे समय में तेज हुई है जब उत्तर प्रदेश सरकार ने MBBS और BDS इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया है। राज्य कैबिनेट ने अगस्त 2026 में सरकारी चिकित्सा संस्थानों में पात्र MBBS और BDS इंटर्न के लिए स्टाइपेंड 12 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये किया था।
इसी फैसले के बाद आयुष इंटर्न डॉक्टरों ने भी समान स्टाइपेंड की मांग को प्रमुखता से उठाया है। उनका कहना है कि जब वे भी प्रशिक्षण के दौरान अस्पतालों में मरीजों की सेवा और चिकित्सकीय कार्यों में योगदान देते हैं तो उनके स्टाइपेंड में इतना बड़ा अंतर क्यों रखा जाए।
‘समान काम के लिए समान मानदेय’ की मांग
आयुष इंटर्न डॉक्टरों का मुख्य तर्क समान कार्य के लिए समान मानदेय का है। उनका कहना है कि आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी चिकित्सा पद्धति के इंटर्न भी अस्पतालों में प्रशिक्षण के दौरान अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं।
डॉक्टरों ने राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग की गाइडलाइन और समानता के सिद्धांत का हवाला देते हुए स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग की है। उनकी प्रमुख मांग है कि आयुष इंटर्न का मानदेय कम से कम 25 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए।
लखनऊ में गांधी प्रतिमा पर प्रदर्शन
लखनऊ में आयुष इंटर्न डॉक्टरों ने गांधी प्रतिमा पर जुटकर सरकार के सामने अपनी मांग रखी। डॉक्टरों ने पोस्टर-बैनर के साथ प्रदर्शन किया और स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर नारे लगाए।
प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ से मुलाकात कर अपनी समस्याएं भी रखीं। डॉक्टरों ने सरकार से जल्द निर्णय लेने की अपील की है।
वाराणसी में भी प्रदर्शन और कामकाज का बहिष्कार
स्टाइपेंड का मुद्दा केवल लखनऊ तक सीमित नहीं है। वाराणसी में राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज के इंटर्न डॉक्टर भी अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन कर चुके हैं। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 200 इंटर्न डॉक्टरों ने ओपीडी, वार्ड और पढ़ाई का काम छोड़कर धरना दिया था।
वाराणसी के प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी थी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने अपनी समस्या रखेंगे।
अन्य शहरों में भी उठी आवाज
आयुष इंटर्न के स्टाइपेंड का मुद्दा प्रदेश के कई हिस्सों में उठ चुका है। कानपुर में राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय के BHMS छात्रों ने भी इंटर्न स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर प्राचार्य को ज्ञापन दिया।
झांसी में भी आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज के इंटर्न डॉक्टरों ने 7,500 रुपये के मौजूदा स्टाइपेंड को बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने की मांग को लेकर काम बंद कर प्रदर्शन शुरू किया।
इससे साफ है कि यह मुद्दा अब अलग-अलग शहरों और संस्थानों से निकलकर प्रदेशव्यापी मांग का रूप लेता दिखाई दे रहा है।
सरकार से जल्द फैसला लेने की मांग
आयुष इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांग सरकार के सामने रख रहे हैं।
उनका आरोप है कि स्टाइपेंड बढ़ाने से जुड़ी फाइल कई महीनों से संबंधित विभागों के बीच लंबित है।
डॉक्टरों की मांग है कि सरकार इस पर जल्द निर्णय लेकर स्पष्ट शासनादेश जारी करे।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्हें आश्वासन के बजाय अब ठोस फैसला चाहिए।
उनका कहना है कि यदि सरकार उनकी मांग पर सकारात्मक निर्णय लेती है तो
इससे आयुष चिकित्सा पद्धति के इंटर्न डॉक्टरों को आर्थिक राहत मिलेगी।
सरकार के सामने दोहरी चुनौती
एक ओर सरकार ने MBBS और BDS इंटर्न के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी कर दी है,
वहीं दूसरी ओर आयुष इंटर्न समान स्तर का स्टाइपेंड मांग रहे हैं।
ऐसे में सरकार के सामने आयुष इंटर्न की मांग पर निर्णय लेने की चुनौती है।
यदि सरकार आयुष इंटर्न का स्टाइपेंड भी 25 हजार रुपये करती है तो
इससे समानता की मांग को बल मिलेगा। वहीं निर्णय में देरी होने पर प्रदर्शन और
आंदोलन आगे बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
Gen-Z अंदाज में प्रदर्शन ने खींचा ध्यान
आयुष इंटर्न डॉक्टरों के प्रदर्शन की एक खास बात उनके पोस्टर भी रहे।
युवाओं ने पारंपरिक नारों के साथ ऐसे संदेशों का इस्तेमाल किया,
जिनमें उनकी मांग को सीधे और आधुनिक अंदाज में सामने रखा गया।
पोस्टरों में मेहनत, सम्मान और समान स्टाइपेंड की बात को प्रमुखता दी गई।
इससे प्रदर्शन सोशल मीडिया और लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बना।
आगे क्या?
आयुष इंटर्न डॉक्टरों की नजर अब सरकार के अगले कदम पर है। डॉक्टर चाहते हैं कि
सरकार MBBS और BDS इंटर्न की तरह आयुष इंटर्न के
स्टाइपेंड को भी 25 हजार रुपये प्रतिमाह करने का फैसला ले।
फिलहाल प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन जारी रहने से यह मुद्दा स्वास्थ्य और
चिकित्सा शिक्षा से जुड़े बड़े सवाल के रूप में सामने आया है। सरकार की ओर से
अंतिम निर्णय आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि आयुष इंटर्न की मांग पर क्या समाधान निकलता है।
FAQ: यूपी आयुष इंटर्न स्टाइपेंड विवाद
1. यूपी के आयुष इंटर्न डॉक्टरों की मुख्य मांग क्या है?
आयुष इंटर्न डॉक्टर स्टाइपेंड बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग कर रहे हैं।
2. अभी आयुष इंटर्न को कितना स्टाइपेंड मिलता है?
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उत्तर प्रदेश में आयुष इंटर्न डॉक्टरों को 7,500 रुपये
प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलने की बात कही गई है।
3. डॉक्टर प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं?
डॉक्टरों का कहना है कि उनकी जिम्मेदारियों और काम को देखते हुए मौजूदा
स्टाइपेंड बहुत कम है। वे अन्य चिकित्सा धाराओं के इंटर्न के साथ स्टाइपेंड में समानता चाहते हैं।
4. MBBS और BDS इंटर्न का स्टाइपेंड कितना हुआ है?
उत्तर प्रदेश सरकार ने अगस्त 2026 में MBBS और BDS इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह किया था।
5. आयुष इंटर्न किन चिकित्सा पद्धतियों से जुड़े हैं?
इस मांग में आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी चिकित्सा पद्धति के इंटर्न डॉक्टर शामिल हैं।
6. लखनऊ में आयुष इंटर्न ने कहां प्रदर्शन किया?
लखनऊ में आयुष इंटर्न डॉक्टरों ने हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर प्रदर्शन किया।
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