मल्लाह समाज की राजनीति: योगी आदित्यनाथ का योगदान और अवधेश साहनी की भूमिका – यूपी में पिछड़े वर्गों का संघर्ष
उत्तर प्रदेश की राजनीति में मल्लाह समाज (निषाद, केवट, मलाह समुदाय) एक महत्वपूर्ण पिछड़ा वर्ग है, जो गंगा-यमुना के किनारे बसे लाखों परिवारों का प्रतिनिधित्व करता है। यह समुदाय मत्स्य पालन, नौका विहार और जल आधारित व्यवसायों से जुड़ा है, लेकिन लंबे समय से सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। हाल के वर्षों में योगी आदित्यनाथ (उर्फ योगी जी) की सरकार ने मल्लाह समाज के उत्थान के लिए कई योजनाएं चलाई हैं, वहीं अवधेश कुमार साहनी जैसे नेता इस समुदाय की आवाज बनकर उभरे हैं। यह ब्लॉग मल्लाह समाज के संदर्भ में दोनों की भूमिका, योगी जी के 2.0 शासन (2022 से) के प्रभाव और अवधेश साहनी के संघर्ष पर केंद्रित है।
इतिहास और चुनौतियां: क्यों है यह महत्वपूर्ण?
प्रदेश में OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) की श्रेणी में आता है, जो कुल आबादी का लगभग 7-8% है। ऐतिहासिक रूप से यह समुदाय नदी-झीलों पर निर्भर रहा है, लेकिन औद्योगीकरण, प्रदूषण और जल संसाधनों की कमी ने उनकी आजीविका को प्रभावित किया। 2018 में बिहार के मुकेश साहनी (सन ऑफ मल्लाह) द्वारा निषाद विकास संघ के माध्यम से शुरू हुई आंदोलन ने पूरे देश में मल्लाह समाज को एकजुट किया।

यूपी में यह लहर अवधेश कुमार साहनी जैसे स्थानीय नेताओं ने उठाई, जो मल्लाह समाज से हैं और सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं।
अवधेश साहनी, एक जमीनी स्तर के कार्यकर्ता, ने मल्लाह समाज के लिए आरक्षण, शिक्षा और रोजगार पर जोर दिया। वे अक्सर कहते हैं, “हमारा समाज सदियों से उपेक्षित रहा, अब समय है हक की लड़ाई का।” 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने अयोध्या क्षेत्र में मल्लाह वोटों को संगठित करने में भूमिका निभाई, जहां सपा के अवधेश प्रसाद (जो मल्लाह समाज से जुड़े हैं) ने जीत हासिल की। अवधेश साहनी की सक्रियता ने मल्लाह समाज को राजनीतिक रूप से मजबूत बनाया, खासकर ग्रामीण इलाकों में।
योगी जी का मल्लाह समाज के लिए योगदान: 2.0 शासन में क्या बदला?
आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली BJP सरकार ने 2017 से मल्लाह समाज को मुख्यधारा में लाने के लिए ठोस कदम उठाए। योगी 2.0 (2022 के बाद) में यह प्रयास और तेज हुआ:
- आरक्षण और प्रतिनिधित्व: 2023 में योगी सरकार ने निषाद, मल्लाह समुदाय को SC-ST के समकक्ष लाभ
- देने के लिए प्रस्ताव पास किया। मल्लाह समाज को OBC
- की सबसे पिछड़ी श्रेणी में शामिल कर 27% आरक्षण का लाभ दिया गया।
- विकास योजनाएं: गंगा एक्सप्रेसवे और जल जीवन मिशन के तहत मल्लाह परिवारों को मत्स्य पालन क्लस्टर,
- सब्सिडी वाली नावें और प्रशिक्षण प्रदान किया।
- 2025 तक 50,000 से अधिक मल्लाह युवाओं को PMKVY के तहत स्किल ट्रेनिंग मिली।
- सामाजिक सशक्तिकरण: योगी जी ने मल्लाह समाज के लिए विशेष छात्रावास और स्वास्थ्य शिविर शुरू किए।
- उदाहरणस्वरूप, वाराणसी और प्रयागराज में मल्लाह बोअर्ड गठित कर करोड़ों की सहायता वितरित की गई।
योगी जी अक्सर कहते हैं, “सबका साथ, सबका विकास” – और मल्लाह समाज इसका जीता-जागता उदाहरण है।
2025 के बजट में मल्लाह समाज के लिए 500 करोड़ का अलग प्रावधान किया गया
, जो मत्स्य उद्योग को बढ़ावा देगा।
हालांकि, विपक्ष का आरोप है कि यह सिर्फ चुनावी स्टंट है।