उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक महत्वपूर्ण और जनहितकारी निर्णय लिया है। राज्य में 15 जनवरी 2026 (गुरुवार) को मकर संक्रांति के अवसर पर पूरे प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया गया है। यह फैसला हाल ही में 12 जनवरी 2026 को जारी आधिकारिक अधिसूचना के माध्यम से लिया गया, जिसमें पहले घोषित 14 जनवरी के निर्बंधित अवकाश को संशोधित किया गया है। इस निर्णय से राज्य के लाखों कर्मचारी, छात्र और आम जनता को त्योहार मनाने का पूरा समय मिलेगा।
अवकाश की घोषणा और बदलाव का कारण
पहले 17 नवंबर 2025 को जारी 2026 के अवकाश कैलेंडर में मकर संक्रांति 14 जनवरी को केवल निर्बंधित अवकाश (Restricted Holiday) के रूप में रखा गया था। इसका मतलब था कि कर्मचारी चाहें तो छुट्टी ले सकते थे, लेकिन सरकारी कार्यालय, बैंक और स्कूल सामान्य रूप से खुले रहते।
हालांकि, शासन स्तर पर गहन विचार-विमर्श के बाद सरकार ने इसे बदलकर 15 जनवरी 2026 को सार्वजनिक अवकाश (Public Holiday) घोषित कर दिया। यह बदलाव Negotiable Instruments Act, 1881 के तहत किया गया है। मुख्य कारण ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस वर्ष मकर संक्रांति का पुण्यकाल 15 जनवरी को सुबह से दोपहर तक पड़ रहा है। सूर्य देव 14 जनवरी की शाम 3:13 बजे मकर राशि में प्रवेश करेंगे, लेकिन मुख्य उत्सव और धार्मिक अनुष्ठान 15 जनवरी को ही किए जाते हैं।
इस फैसले से योगी सरकार ने सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व को पूरा सम्मान दिया है।
इस दिन क्या बंद रहेगा?
15 जनवरी 2026 को पूरे उत्तर प्रदेश में निम्नलिखित संस्थान और कार्यालय बंद रहेंगे:
- सभी सरकारी दफ्तर और विभाग
- बैंक और वित्तीय संस्थान
- सरकारी एवं सहायता प्राप्त स्कूल-कॉलेज
- अन्य सार्वजनिक कार्यालय
यह अवकाश राज्य के सभी जिलों पर लागू होगा। हालांकि, निजी संस्थानों पर यह अनिवार्य नहीं है, लेकिन कई निजी क्षेत्र भी इस छुट्टी का लाभ उठा सकते हैं।
मकर संक्रांति का महत्व और उत्तर प्रदेश में उत्सव
मकर संक्रांति हिंदू कैलेंडर का प्रमुख त्योहार है, जिसे उत्तर भारत में खिचड़ी के नाम से भी जाना जाता है। यह वह दिन है जब सूर्य धनु से मकर राशि में प्रवेश करता है और उत्तरायण शुरू होता है। इससे दिन बड़े होने लगते हैं और सर्दी का अंत नजर आता है।
उत्तर प्रदेश में यह पर्व विशेष उत्साह से मनाया जाता है:
- गंगा, यमुना और सरयू जैसी पवित्र नदियों के घाटों पर स्नान और सूर्य देव की पूजा
- खिचड़ी, तिल-गुड़ की चिक्की और मिठाइयों का वितरण
- पतंगबाजी का धूमधाम से आयोजन
- ग्रामीण इलाकों में मेले और सामूहिक उत्सव
प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर, मेरठ जैसे शहरों में लाखों श्रद्धालु इस दिन गंगा घाटों पर इकट्ठा होते हैं। योगी सरकार का यह फैसला किसानों, मजदूरों और आम लोगों के लिए त्योहार को पूरे मन से मनाने का अवसर प्रदान करेगा।
निष्कर्ष
योगी आदित्यनाथ सरकार का यह निर्णय न केवल प्रशासनिक है, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने वाला भी है।
15 जनवरी 2026 को सार्वजनिक अवकाश से प्रदेशवासियों को खुशी मिलेगी और
वे अपने परिवार के साथ मकर संक्रांति की खुशियां मना सकेंगे।
यह फैसला सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का एक और उदाहरण है।