उत्तराखंड के कर्नल अजय कोठियाल
योगी आदित्यनाथ को उत्तराखंड से मिला विशेष उपहार: देवदार की पवित्र कुर्सी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरखनाथ मंदिर के महंत योगी आदित्यनाथ का उत्तराखंड से पुराना और गहरा नाता अब और मजबूत हो गया है। उत्तराखंड सरकार में राज्यमंत्री (कर्नल रिटायर्ड) अजय कोठियाल ने मकर संक्रांति के पावन अवसर पर गोरखपुर पहुंचकर योगी जी को एक अनोखी और पवित्र भेंट सौंपी – केदारनाथ पुनर्निर्माण में बची देवदार की लकड़ी से तैयार की गई विशेष कुर्सी। यह कुर्सी अब गोरखनाथ मंदिर के मुख्य सभागार में स्थापित कर दी गई है।
कर्नल अजय कोठियाल ने बताया कि 2013 की केदारनाथ आपदा के बाद धाम के पुनर्निर्माण में बड़े पैमाने पर देवदार की लकड़ी का उपयोग हुआ था। इस दौरान कुछ लकड़ी बची रह गई। उन्होंने सोचा कि इस पवित्र लकड़ी का उपयोग किसी महान व्यक्तित्व और धार्मिक स्थल के लिए होना चाहिए। इसी विचार से उन्होंने योगी आदित्यनाथ के लिए यह विशेष कुर्सी तैयार कराई।
कुर्सी की खासियत और डिजाइन
कुर्सी का डिजाइन उत्तराखंड के पारंपरिक मंदिरों के वास्तुशिल्प पर आधारित है। आर्किटेक्ट कृष्ण कुडियाल (दून स्कूल और आईआईटी रुड़की से पासआउट) ने केदारनाथ, बद्रीनाथ और महासू मंदिर की काष्ठ कला का गहन अध्ययन किया और उसी आधार पर फाइनल डिजाइन तैयार किया।
*कुर्सी के दोनों हत्थों पर शेर (सिंह) की आकृति उभारी गई है, जो शक्ति और साहस का प्रतीक है। पीछे की तरफ उत्तराखंड के मंदिरों में मिलने वाली पारंपरिक नक्काशी को खूबसूरती से तराशा गया है। कुर्सी में मुख्य रूप से महासू मंदिर की काष्ठ कला को समाहित किया गया है। पूरे फार्म में योगी आदित्यनाथ का प्रिय भगवा रंग इस्तेमाल किया गया है।
चकराता के पास कोटा गांव के परंपरागत काष्ठ कारीगरों ने इस कुर्सी को करीब 15 दिनों की लगन और मेहनत से तैयार किया। सबसे खास बात यह है कि कुर्सी से पूरे सभागार में देवदार की सौंधी और दिव्य सुगंध फैल रही है, जो माहौल को और भी पवित्र बना रही है।
योगी आदित्यनाथ का उत्तराखंड कनेक्शन
योगी आदित्यनाथ मूल रूप से उत्तराखंड के पौड़ी जिले के यमकेश्वर ब्लॉक के पंचूर गांव के निवासी हैं। गोरखनाथ पीठ की गद्दी संभालने के बाद भी उनका उत्तराखंड से भावनात्मक और सांस्कृतिक जुड़ाव बना हुआ है। केदारनाथ पुनर्निर्माण में योगदान देने वाले कर्नल अजय कोठियाल ने इस कुर्सी को
महंत योगी आदित्यनाथ को सौंपकर उनके सम्मान में एक अनुपम उपहार दिया है।
*योगी जी को यह कुर्सी बहुत पसंद आई और उन्होंने इसे गोरखनाथ मंदिर के
मुख्य सभागार में स्थापित करने का निर्णय लिया। अब जब भी महंत जी सभा में बैठेंगे,
तो यह कुर्सी उन्हें शक्ति और पवित्रता का एहसास कराएगी।
कौन हैं कर्नल अजय कोठियाल?
कर्नल अजय कोठियाल केदारनाथ पुनर्निर्माण प्रोजेक्ट के चेहरे रहे हैं।
2013 की आपदा के बाद उन्होंने धाम के पुनर्निर्माण में अहम भूमिका निभाई। 2022 में
उन्होंने आम आदमी पार्टी से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में उत्तराखंड विधानसभा चुनाव लड़ा,
लेकिन सफलता नहीं मिली।
बाद में वे भाजपा में शामिल हो गए और वर्तमान में राज्यमंत्री स्तर के पद पर हैं।
उत्तराखंड-उत्तर प्रदेश का सांस्कृतिक सेतु मजबूत
यह उपहार सिर्फ एक कुर्सी नहीं, बल्कि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच सांस्कृतिक और
भावनात्मक सेतु का प्रतीक है। देवदार की पवित्र लकड़ी से बनी
यह कुर्सी योगी आदित्यनाथ के महंत पद और उत्तराखंड से जुड़ाव को और गहरा करती है।
मकर संक्रांति पर मिला यह उपहार निश्चित रूप से ऐतिहासिक है।