Ayodhya Deepotsav 2026: रामनगरी में 30 लाख दीयों से बनेगा विश्व रिकॉर्ड, पहली बार उपराष्ट्रपति और CM योगी करेंगे रामदरबार का राजतिलक

Ayodhya Deepotsav 2026: उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी अयोध्या एक बार फिर भव्य दीपोत्सव के लिए तैयार है। भगवान श्रीराम की नगरी में सात नवंबर को दसवें दीपोत्सव का मुख्य आयोजन किया जा रहा है। इस बार सरयू नदी के किनारे स्थित 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक दीप जलाने की तैयारी की गई है। आयोजन को विशेष बनाने के लिए 2,100 ड्रोन से आसमान में रामायण के प्रसंगों का प्रदर्शन भी किया जाएगा।

इस वर्ष का दीपोत्सव कई मायनों में ऐतिहासिक है, क्योंकि पहली बार भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन इस आयोजन में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपराष्ट्रपति रामकथा पार्क में आयोजित प्रतीकात्मक रामराज्याभिषेक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। पूरा अयोध्या शहर रोशनी, धार्मिक अनुष्ठानों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से जगमगाने जा रहा है।

अयोध्या में दसवें दीपोत्सव की भव्य तैयारी

अयोध्या में दीपोत्सव की शुरुआत वर्ष 2017 में हुई थी। तब से प्रत्येक वर्ष इस आयोजन का स्वरूप और विस्तार बढ़ता गया है। वर्ष 2026 में दीपोत्सव का दसवां संस्करण आयोजित किया जा रहा है।

इस बार राम की पैड़ी सहित सरयू नदी के किनारे 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक मिट्टी के दीपक सजाए गए हैं। दीपों की सजावट को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने के लिए डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के हजारों स्वयंसेवकों ने कई दिनों तक मेहनत की है।

दीपों को निर्धारित आकृतियों और डिजाइन में सजाया गया है, ताकि एक साथ प्रज्ज्वलित होने पर सरयू तट का दृश्य आकर्षक दिखाई दे।

पहली बार दीपोत्सव में शामिल होंगे उपराष्ट्रपति

इस वर्ष के दीपोत्सव का सबसे खास आकर्षण भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन की मौजूदगी है। वह सात नवंबर को अयोध्या पहुंचकर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे।

इसके बाद वह भगवान श्रीराम के प्रतीकात्मक राज्याभिषेक कार्यक्रम में शामिल होंगे और संत-महात्माओं का सम्मान भी करेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल सहित अन्य विशिष्ट अतिथि भी आयोजन में मौजूद रहेंगे।

रामदरबार में होगा भगवान श्रीराम का राजतिलक

दीपोत्सव के दौरान रामकथा पार्क में भव्य रामदरबार सजाया गया है। यहां भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने और उनके राज्याभिषेक के प्रसंग को प्रतीकात्मक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा।

कार्यक्रम के तहत पुष्पक विमान के प्रतीक के रूप में हेलीकॉप्टर से भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के आगमन का दृश्य तैयार किया गया है।

इसके बाद भरत मिलाप का प्रसंग प्रस्तुत होगा। रामदरबार में उपराष्ट्रपति और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भगवान श्रीराम का प्रतीकात्मक राजतिलक करेंगे।

यह आयोजन रामायण में वर्णित उस प्रसंग की याद दिलाएगा, जब 14 वर्ष का वनवास पूरा करने के बाद भगवान श्रीराम अयोध्या लौटे थे।

2,100 ड्रोन से आसमान में दिखेगी रामायण की झलक

इस बार दीपोत्सव में आधुनिक तकनीक का भी शानदार इस्तेमाल किया जा रहा है। रात के समय 2,100 ड्रोन के माध्यम से आसमान में रामायण के विभिन्न प्रसंगों को प्रदर्शित किया जाएगा।

ड्रोन शो में अलग-अलग आकृतियों और प्रकाश संयोजन के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े दृश्य दिखाए जाएंगे।

इसके अलावा राम की पैड़ी पर लेजर शो, प्रोजेक्शन मैपिंग और लाइट एंड साउंड कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। ग्रीन आतिशबाजी भी आयोजन का हिस्सा होगी।

राम मंदिर परिसर में जलेंगे एक लाख दीप

दीपोत्सव के अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर को भी विशेष रूप से सजाया गया है। मंदिर परिसर और वहां स्थित अन्य मंदिरों में लगभग एक लाख दीप जलाने की तैयारी की गई है।

मंदिर को आकर्षक रोशनी से सजाया जाएगा। रामलला को विशेष भोग अर्पित किया जाएगा और धार्मिक अनुष्ठान भी संपन्न होंगे।

इससे अयोध्या के धार्मिक वातावरण में दीपोत्सव की भव्यता और बढ़ जाएगी।

2,147 श्रद्धालु करेंगे सरयू की महाआरती

सरयू नदी के तट पर सामूहिक महाआरती भी इस आयोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। इसमें 2,147 श्रद्धालुओं और आरती करने वालों की सहभागिता प्रस्तावित है।

वैदिक मंत्रोच्चार और आरती के साथ सरयू तट पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। हजारों दीपों की रोशनी के बीच सरयू की महाआरती श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेगी।

2,500 कलाकार प्रस्तुत करेंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम

दीपोत्सव के दौरान अयोध्या में विभिन्न स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शोभायात्रा में लगभग 2,500 कलाकार भाग लेंगे।

शहर में बनाए गए 17 मंचों पर लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।

इसके साथ ही विभिन्न देशों की रामलीला मंडलियों की प्रस्तुतियां भी कार्यक्रम का हिस्सा रहेंगी।

रामायण से जुड़े प्रसंगों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और परंपरा को प्रदर्शित किया जाएगा।

पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था

दीपोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की

संभावना को देखते हुए प्रशासन ने परिवहन और सुरक्षा की तैयारियां की हैं।

विशिष्ट अतिथियों के आवागमन के लिए गोल्फ कार्ट, ट्रैवलर और एसी बसों की व्यवस्था की गई है।

प्रमुख धार्मिक स्थलों और कार्यक्रम स्थलों पर विशेष प्रबंध किए गए हैं।

भीड़ को नियंत्रित करने, यातायात व्यवस्था सुचारु रखने और

श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए संबंधित विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

2017 से 2026 तक कैसे बढ़ता गया दीपोत्सव का स्वरूप?

अयोध्या का दीपोत्सव पिछले नौ वर्षों में एक बड़े सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन के रूप में विकसित हुआ है।

पहले संस्करण में लगभग 1.71 लाख दीप जलाए गए थे।

वर्ष 2025 में 26.17 लाख दीपों के साथ रिकॉर्ड बनाया गया था।

अब 2026 में 30 लाख से अधिक दीप जलाने का लक्ष्य रखा गया है।

इस आयोजन में धार्मिक परंपरा के साथ तकनीक, पर्यटन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को भी शामिल किया जा रहा है।

निष्कर्ष

अयोध्या का दीपोत्सव 2026 इस बार कई विशेषताओं के साथ आयोजित हो रहा है।

30 लाख से अधिक दीपों की रोशनी, 2,100 ड्रोन का शो, रामदरबार में प्रतीकात्मक राजतिलक और पहली बार

उपराष्ट्रपति की उपस्थिति इस आयोजन को खास बना रही है।

रामनगरी में दीपों की जगमगाहट के बीच भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन और

राज्याभिषेक के प्रसंग को फिर से जीवंत किया जाएगा।

देशभर के श्रद्धालुओं की नजर इस भव्य आयोजन पर टिकी हुई है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. अयोध्या दीपोत्सव 2026 कब आयोजित हो रहा है?

दीपोत्सव का मुख्य आयोजन 7 नवंबर 2026 को किया जा रहा है।

2. अयोध्या दीपोत्सव 2026 में कितने दीप जलाए जाएंगे?

सरयू नदी के किनारे 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक दीप जलाने का लक्ष्य रखा गया है।

3. दीपोत्सव में मुख्य अतिथि कौन हैं?

भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन इस वर्ष दीपोत्सव में शामिल हो रहे हैं।

4. दीपोत्सव में कौन भगवान श्रीराम का राजतिलक करेंगे?

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रतीकात्मक रामराज्याभिषेक कार्यक्रम में शामिल होंगे।

5. अयोध्या में कितने ड्रोन का शो होगा?

आयोजन में 2,100 ड्रोन के माध्यम से रामायण के प्रसंगों का प्रदर्शन प्रस्तावित है।

6. राम मंदिर परिसर में कितने दीप जलेंगे?

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में लगभग एक लाख दीप जलाने की तैयारी है।

7. अयोध्या में पहला दीपोत्सव कब आयोजित हुआ था?

अयोध्या में दीपोत्सव की शुरुआत वर्ष 2017 में हुई थी।

read this post :श्रीलंका की जेल से रिहा होकर चेन्नई पहुंचे 8 भारतीय मछुआरे, समुद्री सीमा विवाद में हुई थी गिरफ्तारी