कार्यकर्ता छूटे मतदाताओं का नाम सूची में शामिल कराएं: पूरी प्रक्रिया और महत्वपूर्ण टिप्स
उत्तर प्रदेश में वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराने की पूरी गाइड: कार्यकर्ताओं के लिए स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में लोकतंत्र की मजबूती के लिए हर योग्य नागरिक का मतदाता सूची में नाम होना जरूरी है। अक्सर ग्रामीण और शहरी इलाकों में हजारों लोग छूट जाते हैं, खासकर युवा, महिलाएं और प्रवासी मजदूर। कार्यकर्ताओं की भूमिका यहां महत्वपूर्ण हो जाती है। वे जागरूकता फैला कर लोगों को वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराने में मदद कर सकते हैं। यह लेख पूरी प्रक्रिया, टिप्स और कानूनी पहलू बताएगा। 2026 में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी हो चुकी है, और क्लेम्स व ऑब्जेक्शन्स की अवधि 6 जनवरी से 6 फरवरी तक है। फाइनल लिस्ट फरवरी में आएगी।
छूटे मतदाताओं की पहचान कैसे करें?
कार्यकर्ता सबसे पहले स्थानीय इलाकों में जागरूकता अभियान चलाएं। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायतों, शहरी इलाकों में मोहल्ला समितियों या सोशल मीडिया के जरिए लोगों से पूछें कि उनका नाम वोटर लिस्ट में है या नहीं। योग्यता: 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र (1 जनवरी 2026 तक), भारतीय नागरिक और क्षेत्र का सामान्य निवासी। विशेष रूप से युवाओं (जो 18 वर्ष पूरे कर चुके), महिलाओं (जिनका नाम बदलाव के कारण छूटा) और प्रवासी मजदूरों (जो घर लौटे हैं) पर फोकस करें। ड्राफ्ट लिस्ट की जांच ऑनलाइन voters.eci.gov.in पर या BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) से कराएं।
नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया: स्टेप-बाय-स्टेप
- फॉर्म 6 भरना: अगर नाम छूटा है या नया वोटर है, तो फॉर्म 6 भरें। यह नए नाम जोड़ने के लिए है। फॉर्म 7 नाम हटाने, फॉर्म 8 सुधार और फॉर्म 6A विदेशी भारतीयों के लिए है।
- ऑनलाइन आवेदन: voters.eci.gov.in या VHA ऐप पर रजिस्टर करें। आधार, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या राशन कार्ड जैसे दस्तावेज अपलोड करें। कार्यकर्ता लोगों की मदद से फोटो और दस्तावेज स्कैन कर अपलोड कराएं।
- ऑफलाइन आवेदन: BLO, तहसील ऑफिस के वोटर रजिस्ट्रेशन सेंटर
- (VRC) या ERO (इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर) के पास जमा करें। कार्यकर्ता ग्रुप में लोगों को ले जाकर फॉर्म जमा कराएं।
- वेरिफिकेशन: आवेदन के बाद BLO घर आकर जांच करेगा।
- कार्यकर्ता BLO से संपर्क रखें और सुनिश्चित करें कि वेरिफिकेशन समय पर हो।
- ट्रैकिंग: आवेदन नंबर से स्टेटस चेक करें। अगर रिजेक्ट हो, तो अपील करें।
कानूनी पहलू: चुनाव आयोग के नियमों के तहत गलत जानकारी पर दंड। डुप्लीकेट नाम हटाए जाते हैं।
महत्वपूर्ण टिप्स कार्यकर्ताओं के लिए
- जागरूकता कैंप: गांवों में कैंप लगाएं, जहां फॉर्म भरने में मदद करें। महिलाओं के लिए अलग सेशन रखें।
- दस्तावेज तैयार रखें: आधार लिंकिंग अनिवार्य नहीं, लेकिन मददगार। फोटो आईडी और पता प्रमाण जरूरी।
- समय सीमा का ध्यान: 6 फरवरी तक क्लेम्स जमा करें। देर न होने दें।
- सोशल मीडिया यूज: #VoterRegistrationUP जैसे हैशटैग से अभियान चलाएं। युवाओं को ऐप डाउनलोड कराने में मदद करें।
- समस्याओं का समाधान: अगर नाम डुप्लीकेट है, तो फॉर्म 7 से पुराना हटवाएं। प्रवासी के लिए पता प्रमाण जुटाएं।
- सहयोग लें: NGO, पंचायत और स्थानीय प्रशासन से टाई-अप करें।
यह प्रक्रिया न केवल वोटर टर्नआउट बढ़ाती है, बल्कि लोकतंत्र को मजबूत करती है।
कार्यकर्ता लाखों छूटे मतदाताओं को शामिल कर बदलाव ला सकते हैं।
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