गोरखपुर जिले के चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सभा मैंभरा के कई युवा आज सऊदी अरब की धरती पर बुरी तरह फंसे हुए हैं। सुमित्रा देवी के दो पुत्र, रामकुमार निषाद के दो पुत्र, अशोक साहनी के दो भतीजे और सतीश साहनी के पड़ोसी—ये नाम अब परिवारों की आंसुओं की कहानी बयां कर रहे हैं। सऊदी अरब में फंसे गोरखपुर मजदूरों का वीजा एक्सपायर हो चुका है। दलालों के धोखे में फंसकर वे भटक रहे हैं, जबकि परिवार तड़प रहा है। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गृहमंत्री अमित शाह और विदेश मंत्रालय से विनम्र अपील है—इन बेटों-भाइयों को जल्द वतन लौटाएं, ताकि मां-बाप की गोद फिर से भर जाए।
सऊदी फंसे मजदूरों के नाम: दलालों का धोखा और वीजा संकट
चिल्लूपार मैंभरा से ये युवा रोजगार की तलाश में सऊदी गए थे। लेकिन दलालों ने वीजा एक्सपायर करा दिया और स्पॉन्सर ने ठुकरा दिया। सुमित्रा देवी के दो पुत्र इधर-उधर भटक रहे हैं—खाने-पानी की लाले, रहने की जगह नहीं। रामकुमार निषाद के दो पुत्र दलाल के चंगुल में फंसे, वापसी का रास्ता बंद। अशोक साहनी के दो भतीजे और सतीश साहनी के पड़ोसी दूतावास के चक्कर काट रहे हैं। सऊदी अरब में फंसे भारतीय मजदूरों की यह हालत दिल दहला देती है। परिवार फोन पर रोते हैं— “बेटा भूखा-प्यासा है, कब लौटेगा?”
परिवारों की चीख: मां का दर्द, बहनों का आंसू
सुमित्रा देवी जैसी माताओं की आंखें सूख चुकी हैं। “मेरे दो बेटे कमाने गए थे, अब कैदी जैसे फंसे हैं,” वे बिलखती हैं। रामकुमार निषाद का परिवार कर्ज में डूबा, अशोक साहनी की बहनें भाई की राह ताक रही हैं। सतीश साहनी के पड़ोसी के घर उदासी छाई है। बच्चे पूछते हैं— “भैया कब आएंगे?” रातें आंसुओं में कट रही हैं। उत्तर प्रदेश के प्रवासी मजदूर परिवारों की यह व्यथा भावुक कर देती है।
अपील: पीएम मोदी, योगी जी से गुहार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की संवेदनशीलता से कोविड काल में लाखों मजदूर लौटे। अब सऊदी अरब repatriation के लिए हस्तक्षेप करें। गृहमंत्री अमित शाह जी, भारतीय दूतावास सक्रिय करें—वीजा रिन्यूअल, टिकट और मेडिकल मदद दें। विदेश मंत्री एस जयशंकर से निवेदन है कि दलालों पर सख्त कार्रवाई हो। योगी आदित्यनाथ जी, उत्तर प्रदेश ने पहले प्रवासियों को अपनाया—चिल्लूपार मैंभरा के फंसे मजदूरों को भी गोद लें। एक फोन कॉल से ये परिवार जीवित हो जाएंगे।
योगी सरकार की भूमिका: उत्तर प्रदेश मॉडल अपनाएं
योगी आदित्यनाथ सरकार ने पहले श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाईं। अब सऊदी फंसे गोरखपुर मजदूरों के लिए एयरलिफ्ट की व्यवस्था करें। गोरखपुर चिल्लूपार न्यूज में यह मुद्दा उठ चुका है। स्थानीय प्रशासन हेल्पलाइन स्थापित करें।
ये बेटे-भाई वतन के गौरव हैं—उन्हें दलालों के चंगुल से मुक्त करें।
समाधान का रोडमैप: त्वरित कार्रवाई और जागरूकता
विदेश मंत्रालय भारत सरकार तुरंत संज्ञान ले—24 घंटे में प्लान बने।
सोशल मीडिया पर #SaveMambhraMajdoor और #सुमित्रादेवीपुत्रहोमकम ट्रेंड कराएं।
उत्तर प्रदेश सरकार स्किल सेंटर खोले, ताकि विदेश जाने की मजबूरी न रहे।
यह केवल repatriation नहीं, बल्कि इंसानियत की जीत होगी।
मां-बाप को बेटा मिले, बहन को भाई—यह खुशी अमिट होगी।
इंसानियत की पुकार
चिल्लूपार मैंभरा के फंसे मजदूरों की यह कहानी सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की है।
सरकार से अपील है कि इन बेटों को जल्द घर लौटाएं।
परिवार इंतजार कर रहा है—समय रहते कदम उठाएं। अधिक अपडेट्स के लिए बने रहें।
