गोरखपुर में रोजगार से जुड़ेंगी महिलाएं
गोरखपुर में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और स्वरोजगार की दिशा में एक सराहनीय कदम उठाया गया है। रोटरी क्लब ऑफ गोरखपुर मिडटाउन ने शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के लिए विशेष सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। इस पहल के तहत महिलाओं को मुफ्त में आधुनिक सिलाई मशीनों पर ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि वे घर बैठे रोजगार प्राप्त कर सकें और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकें।
कार्यक्रम का उद्देश्य और शुरुआत
रोटरी क्लब मिडटाउन के अध्यक्ष राहुल अग्रवाल ने बताया कि यह कार्यक्रम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और बेरोजगारी कम करने के लिए शुरू किया गया है। गोरखपुर के कई इलाकों में महिलाएं आर्थिक रूप से कमजोर हैं और उनके पास कोई कौशल नहीं होने के कारण वे घरेलू कामों तक सीमित रह जाती हैं। इस पहल से अब वे सिलाई का कौशल सीखकर अपनी छोटी-छोटी यूनिट शुरू कर सकती हैं, टेलरिंग सेंटर खोल सकती हैं या ऑनलाइन ऑर्डर लेकर काम कर सकती हैं।
पहला बैच 5 जनवरी 2026 से शुरू हुआ, जिसमें 50 महिलाओं को शामिल किया गया। ट्रेनिंग रोटरी क्लब के कम्युनिटी सेंटर (गोलघर के पास) में हो रही है। कार्यक्रम पूरी तरह मुफ्त है और इसमें सिलाई मशीन, धागा, कैंची, कपड़ा और सर्टिफिकेट भी शामिल हैं।
ट्रेनिंग में क्या सिखाया जा रहा है?
- बेसिक से एडवांस सिलाई तकनीक
- ब्लाउज, सलवार-कमीज, लहंगा, बच्चों के कपड़े और फैशनेबल डिजाइन बनाना
- मशीन की देखभाल और रिपेयरिंग
- बिजनेस मैनेजमेंट – कैसे ऑर्डर लें, ग्राहक कैसे बनाएं, कीमत कैसे तय करें
- डिजिटल मार्केटिंग – फेसबुक और व्हाट्सएप पर अपना काम कैसे प्रमोट करें
ट्रेनिंग की अवधि 3 महीने की है, जिसमें सप्ताह में 5 दिन 3 घंटे की कक्षाएं चल रही हैं। प्रशिक्षक के रूप में अनुभवी महिला ट्रेनर शशि सिंह को नियुक्त किया गया है, जो पिछले 15 साल से सिलाई और फैशन डिजाइनिंग सिखा रही हैं।
महिलाओं की प्रतिक्रिया और सफलता की शुरुआत
ट्रेनिंग में शामिल होने वाली रेखा देवी (ग्राम बेलघट) ने बताया, “मेरे पति मजदूरी करते हैं, घर चलाना मुश्किल था। अब मैं सिलाई सीख रही हूं, जल्द ही अपने गांव में छोटा सेंटर खोलूंगी।” वहीं प्रिया यादव (शहरी क्षेत्र से) ने कहा, “यह ट्रेनिंग मेरे लिए वरदान है। अब मैं घर से ही काम करके परिवार की मदद कर पाऊंगी।”
रोटरी क्लब का लक्ष्य है कि पहले साल में कम से कम 200 महिलाओं को ट्रेनिंग देकर आत्मनिर्भर बनाया जाए। इसके बाद उन्हें सस्ती दर पर सिलाई मशीन भी उपलब्ध कराई जाएगी।
क्लब ने कई कॉर्पोरेट और स्थानीय दानदाताओं से सहयोग लिया है,
ताकि कार्यक्रम को और विस्तार दिया जा सके।
सामाजिक प्रभाव
यह पहल न केवल महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए है, बल्कि परिवार में उनकी स्थिति मजबूत करने,
घरेलू हिंसा कम करने और समाज में सम्मान बढ़ाने में भी मदद करेगी।
गोरखपुर जैसे शहर में जहां महिलाओं की भागीदारी कम है,
यह कार्यक्रम एक मिसाल बन सकता है।
रोटरी क्लब मिडटाउन की इस सराहनीय पहल से गोरखपुर की सैकड़ों महिलाएं
जल्द ही रोजगार से जुड़ेंगी और आत्मनिर्भर बनेंगी।
यह कदम ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को जमीनी स्तर पर साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।