यूपी में 2026 में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव टल सकते हैं क्योंकि अभी तक पिछड़ा वर्ग के आरक्षण संबंधित सिफारिशें देने के लिए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन नहीं हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार, ओबीसी आरक्षण के लिए इस आयोग का आर्थिक, शैक्षिक और राजनीतिक स्थिति का अध्ययन जरूरी है। अगर आयोग गठन में और सिफारिशें देने में छह माह की देरी होती है, तो पंचायत चुनाव अपने निर्धारित समय पर संभव नहीं होंगे। इसके अलावा ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों और जिला पंचायतों के वार्ड परिसीमन की प्रक्रिया भी चालू है, लेकिन नगर विकास विभाग की ओर से नए नगर निकाय बनाने और सीमा विस्तार पर लगी रोक को लेकर अड़चन भी चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है। राजनीतिक माहौल में भी स्थिति को लेकर बहस है क्योंकि चुनाव के टलने से विपक्ष के लिए एक बड़ा मुद्दा बनेगा। फिलहाल, पंचायत चुनाव की तैयारी में देरी और आरक्षण फॉर्मूले के अंतिम रूप पर नहीं पहुंचने के कारण चुनाव समय पर होने की संभावना कम नजर आ रही है। इन चुनावों का कार्यकाल 2026 के अप्रैल-मई के आसपास खत्म हो रहा है, लेकिन चुनाव की प्रक्रिया में ये रोड़ा सामने आया है।