PM मोदी के साथ रात्रिभोज
नई दिल्ली, 4 दिसंबर 2025: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आज भारत के दो दिवसीय राजकीय दौरे पर पहुंच रहे हैं। यह दौरा 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर हो रहा है। पुतिन का यह भारत दौरा 2021 के बाद पहली बार है, जब से रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू हुआ। दौरे का मुख्य एजेंडा द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना, व्यापार, रक्षा और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा है। पुतिन शाम करीब 6:30 बजे दिल्ली पहुंचेंगे, जहां पीएम मोदी उनके सम्मान में निजी रात्रिभोज आयोजित करेंगे। अगले दिन राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि, द्विपक्षीय वार्ता और कई समझौतों पर हस्ताक्षर होंगे। यह दौरा भारत-रूस की ‘विशेष और विशेष रणनीतिक साझेदारी’ को नई ऊंचाई देने का संकेत दे रहा है।
पुतिन के भारत दौरे का विस्तृत शेड्यूल: पहले दिन रात्रिभोज, दूसरे दिन शिखर सम्मेलन
विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, पुतिन का दौरा 4-5 दिसंबर तक चलेगा। पहले दिन (4 दिसंबर) शाम 6:35 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद सीधे पीएम मोदी के आधिकारिक आवास (7, लोक कल्याण मार्ग) पर निजी रात्रिभोज में शामिल होंगे। यह रात्रिभोज जुलाई 2024 में मॉस्को दौरे के दौरान पुतिन द्वारा मोदी को दिए गए निजी डिनर का जवाब होगा। रात्रिभोज के दौरान दोनों नेता अनौपचारिक रूप से यूक्रेन संकट, वैश्विक सुरक्षा और द्विपक्षीय मुद्दों पर बात करेंगे।
दूसरे दिन (5 दिसंबर) सुबह 11 बजे राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत समारोह होगा, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पुतिन से मुलाकात करेंगी। इसके तुरंत बाद 11:30 बजे राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। दोपहर 11:50 बजे हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता होगी, जो 23वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन का मुख्य हिस्सा है। वार्ता के बाद 1:50 बजे दोनों नेता संयुक्त प्रेस स्टेटमेंट जारी करेंगे। दोपहर 3:40 बजे भारत-रूस बिजनेस फोरम में भाग लेंगे, जहां व्यापारिक नेताओं से मुलाकात होगी। शाम 7 बजे राष्ट्रपति मुर्मू द्वारा राष्ट्रपति भवन में स्टेट बैनक्वेट का आयोजन होगा। रात करीब 9:30 बजे पुतिन दिल्ली से रवाना होंगे।
द्विपक्षीय समझौतों पर लगेगी मुहर: रक्षा, व्यापार और ऊर्जा में नई साझेदारी
दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। रक्षा क्षेत्र में S-400 ट्रायम्फ एयर डिफेंस सिस्टम के पांच अतिरिक्त स्क्वाड्रन की खरीद पर चर्चा होगी, साथ ही Su-57 फाइटर जेट्स के दो-तीन स्क्वाड्रन की संभावना। भारत ने रूस से Su-57 को F-35 का विकल्प मानने की बात कही है। ऊर्जा क्षेत्र में रूसी तेल की खरीद बढ़ाने और रूबल-रुपया व्यापार को बढ़ावा देने पर फोकस होगा। 2024 में भारत-रूस व्यापार 65 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है, और 2025 के अंत तक 100 अरब डॉलर का लक्ष्य है।
अन्य समझौते स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कृति और मीडिया में होंगे। रूस टुडे (RT) चैनल की भारत में लॉन्चिंग भी होगी, जो रूसी सरकार समर्थित मीडिया का विस्तार है।
वैश्विक मुद्दों पर भारत रूस-यूक्रेन युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान की अपील दोहराएगा।
पुतिन ने कहा है कि यह दौरा ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ को मजबूत करेगा।
भारत-रूस संबंधों का महत्व: यूक्रेन युद्ध के बीच मजबूत साझेदारी
पुतिन का यह दौरा यूक्रेन युद्ध के बाद पहला है, जो भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को दर्शाता है।
अमेरिका ने भारत को रूसी तेल खरीदने से रोकने की कोशिश की
, लेकिन भारत ने साफ कहा कि रूस पुराना मित्र है।
रक्षा में 60% हथियार रूस से आते हैं
, और S-400 सौदा ऑपरेशन सिंदूर में सफल रहा।
व्यापार में रूसी तेल भारत का सबसे बड़ा स्रोत है।
पुतिन ने कहा, “भारत हमारा भरोसेमंद साथी है।
” मोदी ने भी ट्वीट किया, “पुतिन के दौरे से द्विपक्षीय संबंध नई ऊंचाई छुएंगे।”
दिल्ली में मल्टी-लेयर सिक्योरिटी है: दिल्ली पुलिस, केंद्रीय एजेंसियां, SWAT टीम और पुतिन की पर्सनल सिक्योरिटी।
ट्रैफिक डायवर्जन और स्नाइपर तैनाती की गई है।