वायरल ऑडियो में खुलासा
सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक ऑडियो ने पूरे मामले की परतें खोल दीं। इस 3.31 मिनट के ऑडियो में डॉक्टर पंकज कुमार दीक्षित (मानसी अस्पताल के संचालक) किसी राजेश से बात करते हुए बिट्टू खान और अन्य लोगों के साथ पैसे के लेन-देन का जिक्र करते हैं। डॉक्टर कहते हैं कि बिट्टू खान ने उनसे 20 लाख रुपये लिए हैं और अब लोग रुपये लेकर बैठ गए हैं। उन्होंने रिकॉर्डिंग पुलिस को सौंपने की भी बात कही। यह ऑडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की, जिसमें मामला मरीज माफिया से जुड़ा निकला।
पुलिस जांच में सामने आया मरीज माफिया का नेटवर्क
पुलिस के मुताबिक, आरोपी राहुल शर्मा रामगढ़ताल क्षेत्र में अजय शर्मा द्वारा संचालित सान्वी अस्पताल में प्रबंधक है। राहुल शर्मा सिकरीगंज थाने का हिस्ट्रीशीटर भी है और पहले फायरिंग मामले में उसका नाम आया था। डॉक्टर पंकज और राहुल-अजय का कई वर्षों से व्यवसायिक रिश्ता था। बिट्टू खान एंबुलेंस के जरिए बिहार से मरीज लाने के बदले कमीशन लेता था। जब डॉक्टर पंकज ने सान्वी अस्पताल को मरीज नहीं भेजने पर आपत्ति जताई, तो विवाद बढ़ गया।
राहुल शर्मा ने डॉक्टर पंकज से फोन पर 15 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। धमकी दी कि पैसे नहीं दिए तो अस्पताल बंद करा दिया जाएगा और परिवार को नुकसान पहुंचाया जाएगा। डॉक्टर ने विरोध जताया तो मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस अब बिहार से मरीजों की खरीद-फरोख्त के एंगल पर भी जांच कर रही है, क्योंकि यह सिस्टम वर्षों से चल रहा था।
अस्पताल व्यवसाय में कमीशन और रंगदारी का खेल
यह घटना बताती है कि कई अस्पतालों में एंबुलेंस ऑपरेटर और प्रबंधक मिलकर मरीजों को बांटते हैं।
बिहार जैसे पड़ोसी राज्यों से मरीज लाकर कमीशन कमाया जाता है।
जब कोई डॉक्टर या अस्पताल इस चेन से अलग होता है, तो
विवाद रंगदारी में बदल जाता है। पुलिस का कहना है कि वायरल ऑडियो से स्पष्ट है कि
व्यवसायिक सौदा अब धमकी और जबरन वसूली में तब्दील हो गया।
समाज पर गहरा असर और सवाल
इस तरह के मामले स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा कम करते हैं। मरीज जो इलाज के लिए अस्पताल जाते हैं
, उनके पीछे यह काला धंधा चल रहा हो, यह चिंताजनक है। पुलिस ने राहुल शर्मा और
अन्य के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। जांच में और खुलासे होने की संभावना है।
यह घटना सरकार और स्वास्थ्य विभाग के लिए सबक है कि मरीज माफिया पर सख्ती बरती जाए।
एंबुलेंस और अस्पतालों के बीच कमीशन सिस्टम पर रोक लगानी होगी, ताकि मरीजों का शोषण रुके।