वीरू साहनी जी: मत्स्य पालकों के मजबूत स्तंभ और समाज के सच्चे सहयोगी
उत्तर प्रदेश में मत्स्य पालन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाले वीरू साहनी जी मत्स्य जीवी समिति के राज मंत्री के रूप में एक प्रमुख नाम हैं। वे न केवल मत्स्य पालकों के लिए मजबूत स्तंभ बने हुए हैं, बल्कि समाज के हर वर्ग के लिए सच्चाई और ईमानदारी से निरंतर सहयोग प्रदान कर रहे हैं। गोरखपुर और पूरे उत्तर प्रदेश में उनके कार्यों ने हजारों मत्स्य किसानों को नई उम्मीद दी है।
वीरू साहनी का मत्स्य पालन क्षेत्र में योगदान
वीरू साहनी जी ने मत्स्य जीवी समिति के माध्यम से मत्स्य पालकों की हर समस्या का समाधान करने का संकल्प लिया है। चाहे बीज मछली की उपलब्धता हो, तालाब निर्माण में सहायता हो या बाजार मूल्य सुनिश्चित करना हो, वे हर कदम पर सक्रिय रहते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर पर पहुंचाने में उनकी भूमिका सराहनीय है। 2026 में भी वे मत्स्य पालन को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
उनके नेतृत्व में समिति ने कई जागरूकता शिविर आयोजित किए, जहां मत्स्य पालकों को आधुनिक तकनीकों जैसे बायोफ्लॉक और एक्वापोनिक्स के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। गोरखपुर क्षेत्र में सैकड़ों तालाबों का जीर्णोद्धार कराया गया, जिससे उत्पादन में 30% वृद्धि हुई। वीरू साहनी जी की ईमानदार छवि ने मत्स्य पालकों का पूर्ण विश्वास अर्जित किया है।
समाज सेवा में सच्चाई और ईमानदारी का प्रतीक
वीरू साहनी जी केवल मत्स्य पालकों तक सीमित नहीं हैं; वे समाज के हर जरूरतमंद के लिए सहयोग का द्वार खड़े हैं। फिशरमैन आर्मी के माध्यम से उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास पर जोर दिया। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री वितरण से लेकर शिक्षा अभियान तक, उनके कार्य प्रेरणादायक हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के विजन को साकार करने में वीरू साहनी जी का योगदान महत्वपूर्ण रहा। वे नियमित रूप से सरकारी योजनाओं जैसे पीएम मत्स्य संपदा योजना को लागू करने में सहभागी बने। 2025-26 में समिति ने 500 से अधिक मत्स्य पालकों को ऋण सुविधा दिलाई, जिससे उनका आर्थिक सशक्तिकरण हुआ। उनकी सादगी और सुलभता हर व्यक्ति को प्रभावित करती है।
चुनौतियों का डटकर मुकाबला और भविष्य की योजनाएं
मत्स्य पालन में आने वाली चुनौतियों जैसे जलवायु परिवर्तन, बीमारी और बाजार
अस्थिरता का सामना करने के लिए वीरू साहनी जी ने मजबूत रणनीतियां अपनाईं।
बीमा योजनाओं का प्रचार, बीज गुणवत्ता जांच और निर्यात प्रोत्साहन उनकी प्राथमिकताएं हैं।
गोरखपुर डिवीजन में मत्स्य उत्पादन को दोगुना करने का लक्ष्य उन्होंने रखा है।
समिति के तहत चालू वर्ष में 1000 नये तालाब निर्माण का कार्यक्रम शुरू किया गया,
जिसमें सरकारी अनुदान का पूरा उपयोग हो रहा। वीरू साहनी जी का मानना है कि
सच्चाई और ईमानदारी से ही समाज का वास्तविक विकास संभव है।
युवा मत्स्य उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए स्टार्टअप स्कीम भी लॉन्च की गई।
मत्स्य पालकों और समाज से प्रशंसा
पूरे उत्तर प्रदेश में वीरू साहनी जी को मत्स्य पालकों का सच्चा मसीहा माना जाता है।
उनके कार्यों से प्रभावित हजारों लोग सोशल मीडिया पर उनकी सराहना कर रहे हैं।
फिशरमैन वर्ल्ड न्यूज जैसे प्लेटफॉर्म्स पर उनके योगदान की चर्चा जोरों पर है।
भविष्य में वे मत्स्य पालन को निर्यात स्तर का बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर काम कर रहे हैं।
वीरू साहनी जी का जीवन दर्शन है- “सहयोग से ही समृद्धि”।
उनके निरंतर प्रयास उत्तर प्रदेश को मत्स्य उत्पादन में अग्रणी राज्य बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।
मत्स्य जीवी समिति राज मंत्री के रूप में वे हर चुनौती को अवसर में बदल रहे हैं।