उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा सदमा पहुंचा है। सोनभद्र जिले के दुद्धी विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के विधायक विजय सिंह गोंड का 9 जनवरी 2026 को लखनऊ के किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) PGIMS में निधन हो गया। वे 58 वर्ष के थे। उनकी मौत से आदिवासी और गोंड समाज में शोक की लहर दौड़ गई है।
स्वास्थ्य बिगड़ने से लखनऊ में भर्ती
जानकारी के अनुसार, विजय सिंह गोंड पिछले कुछ दिनों से बुखार, सांस लेने में तकलीफ और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। 6 जनवरी को उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें पहले सोनभद्र के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए वाराणसी के ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। लेकिन हालत और खराब होने पर 8 जनवरी की रात उन्हें लखनऊ KGMU के ICU में शिफ्ट किया गया।
डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें सेप्सिस (गंभीर संक्रमण) और मल्टी-ऑर्गन फेल्योर की स्थिति थी। 9 जनवरी की सुबह करीब 7:45 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। परिवार और पार्टी कार्यकर्ता उनके साथ मौजूद थे।
राजनीतिक सफर और गोंड समाज का चेहरा
विजय सिंह गोंड गोंड आदिवासी समुदाय के प्रमुख नेता थे। उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव में दुद्धी सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर जीत हासिल की थी। वे 2017 में भी बसपा से विधायक रह चुके थे। गोंड समाज में उनकी मजबूत पकड़ थी और वे आदिवासी हितों, जंगल-जमीन अधिकार, शिक्षा और रोजगार के मुद्दों पर लगातार आवाज उठाते रहे।
सोनभद्र और सोनभद्र-मिर्जापुर सीमा क्षेत्र में गोंड समुदाय की बड़ी आबादी है। विजय सिंह गोंड को लोग “गोंडों का मसीहा” कहते थे। उनकी मौत से क्षेत्र में शोक का माहौल है। कई गांवों में दुकानें बंद रही और लोग घरों में बैठकर उनके निधन पर दुख जता रहे हैं।
सपा और अन्य दलों की श्रद्धांजलि
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट कर गहरे शोक का इजहार किया।
उन्होंने लिखा, “विजय सिंह गोंड जी का निधन बहुत दुखद है।
वे एक सच्चे जनसेवक और आदिवासी समाज के मजबूत नेता थे।
उनके परिवार और कार्यकर्ताओं के साथ हमारा संवेदना है।”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी, BSP सुप्रीमो मायावती और अन्य नेताओं ने भी श्रद्धांजलि दी।
सोनभद्र जिला प्रशासन ने उनके पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार के लिए गांव पहुंचाने की व्यवस्था की है।
अंतिम संस्कार की तैयारी
विजय सिंह गोंड के पार्थिव शरीर को लखनऊ से सोनभद्र ले जाया जा रहा है।
अंतिम संस्कार दुद्धी के उनके पैतृक गांव में होगा।
हजारों गोंड समाज के लोग और सपा कार्यकर्ता अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए पहुंच रहे हैं।
निष्कर्ष: एक मजबूत आवाज का सदा के लिए खामोश होना
विजय सिंह गोंड का निधन न केवल समाजवादी पार्टी के लिए,
बल्कि पूरे सोनभद्र और गोंड आदिवासी समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उनकी सादगी,
जनसेवा और संघर्ष की कहानी आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
सोनभद्र की राजनीति में एक युग का अंत हो गया है।