UP शिक्षा विभाग की नई पहल
उत्तर प्रदेश में शिक्षा को मिली नई डिजिटल ताकत
उत्तर प्रदेश में बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग पढ़ाई को डिजिटल माध्यम से और आसान बनाने के लिए अब कक्षा छह से 12 तक के छात्रों को ऑनलाइन क्लास की सुविधा उपलब्ध कराएगा। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की ओर से विभिन्न विषयों के रिकॉर्डेड वीडियो लेक्चर तैयार कराए जा रहे हैं, जिन्हें छात्र कभी भी देख और सुन सकेंगे।
संयुक्त निदेशक ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों की विषयों पर पकड़ मजबूत करना और कठिन विषयों को सरल तरीके से समझाना है। इससे विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में लगातार सुधार होगा। इसके लिए योग्य और अनुभवी शिक्षकों के लेक्चर रिकॉर्ड किए जाएंगे।
रिकॉर्डेड लेक्चर से क्या फायदे?
- छात्र किसी भी समय, कहीं भी पढ़ाई कर सकेंगे – इंटरनेट उपलब्ध होने पर मोबाइल, टैबलेट या कंप्यूटर से एक्सेस संभव।
- कठिन टॉपिक्स को बार-बार देखकर समझ सकेंगे, जो क्लासरूम में मिस हो जाता है।
- ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के छात्रों को विशेष लाभ, जहां शिक्षकों की कमी या क्वालिटी इश्यू रहता है।
- रिवीजन के लिए बेस्ट टूल – परीक्षा से पहले पूरा सिलेबस आसानी से दोहरा सकेंगे।
- अनुभवी शिक्षकों के लेक्चर से सभी छात्रों को एक समान उच्च गुणवत्ता वाली पढ़ाई मिलेगी।
एससीईआरटी की भूमिका और तैयारी
एससीईआरटी उत्तर प्रदेश शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने वाली प्रमुख संस्था है। अब यह रिकॉर्डेड लेक्चर तैयार करके डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड करेगी। संभावना है कि ये वीडियो DIKSHA ऐप, यूट्यूब चैनल या UP शिक्षा पोर्टल पर उपलब्ध होंगे।
यह कदम कोविड काल के बाद डिजिटल शिक्षा को स्थायी रूप देने की दिशा में बड़ा प्रयास है। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के हर छात्र तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचे, चाहे वह शहर में हो या गांव में।
छात्रों-माता-पिता के लिए सलाह
- इंटरनेट और स्मार्टफोन/टैबलेट सुनिश्चित करें।
- नियमित रूप से नए अपलोडेड लेक्चर देखें।
- कठिन विषयों के लिए नोट्स बनाएं और डाउट्स क्लियर करें।
- स्कूल शिक्षकों से भी संपर्क बनाए रखें, क्योंकि रिकॉर्डेड लेक्चर सप्लीमेंट हैं, मुख्य पढ़ाई क्लासरूम में होगी।