उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें कुल 37 प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। यह बैठक राज्य के औद्योगिक विकास, बुनियादी ढांचे, कृषि, ऊर्जा और नगर विकास को नई गति देने वाली साबित हुई। खासतौर पर किसानों, ऊर्जा क्षेत्र और शहरी विकास से जुड़े फैसलों ने ध्यान खींचा।
गेहूं खरीद नीति: किसानों को बड़ी राहत
कैबिनेट ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2585 प्रति क्विंटल तय किया, जो पिछले वर्ष से ₹160 अधिक है। यह फैसला किसानों की आय बढ़ाने और फसल के उचित मूल्य सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण है।
- खरीद अवधि: 30 मार्च से 15 जून 2026 तक
- खरीद केंद्र: राज्य में 6500 केंद्र (कुछ स्रोतों में 5494 का उल्लेख, लेकिन अपडेटेड 6500)
- लक्ष्य: लगभग 10 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद
- भुगतान: 48 घंटे के भीतर सुनिश्चित
- अन्य सुविधाएं: मोबाइल खरीद केंद्र, पेयजल, छाया और बैठने की व्यवस्था
यह नीति किसानों को पारदर्शी और तेज प्रक्रिया से लाभ पहुंचाएगी।
ऊर्जा क्षेत्र में बड़े निवेश और प्रोजेक्ट
ऊर्जा विभाग से जुड़े प्रस्तावों में कैबिनेट ने दो प्रमुख फैसले लिए:
- घाटमपुर पावर प्लांट: झारखंड के पछवारा साउथ कोल ब्लॉक के विकास के लिए ₹2242.90 करोड़ की स्वीकृति। इससे 660 मेगावॉट की तीन यूनिटों का प्रोजेक्ट आगे बढ़ेगा और बिजली उत्पादन में वृद्धि होगी।
- गोरखपुर फ्लोटिंग सोलर प्लांट: गोरखपुर को सोलर सिटी बनाने की दिशा में चिलुआताल में 20 मेगावॉट क्षमता का फ्लोटिंग सोलर प्लांट स्थापित किया जाएगा। यह पर्यावरण अनुकूल और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देगा।
ये फैसले राज्य की ऊर्जा सुरक्षा और सस्टेनेबल डेवलपमेंट को मजबूत करेंगे।
नगर विकास: “नवयुग पालिका योजना” को हरी झंडी
नगर विकास विभाग के तहत “नवयुग पालिका योजना” को मंजूरी दी गई, जो राज्य के 58 जिला मुख्यालयों में लागू होगी। यह योजना शहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे, साफ-सफाई, स्मार्ट सुविधाओं और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर फोकस करेगी।
इसके अलावा अन्य विभागों से जुड़े प्रस्तावों में औद्योगिक विकास,
निवेश प्रोत्साहन और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं शामिल हैं
, जो कुल मिलाकर राज्य की आर्थिक प्रगति को तेज करेंगी।
विकास और किसान हित में ऐतिहासिक फैसले
योगी सरकार की यह कैबिनेट बैठक किसानों की आय दोगुनी करने, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और शहरी
विकास के लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में मजबूत कदम है। कुल 37 प्रस्तावों की मंजूरी से
उत्तर प्रदेश में निवेश, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं में इजाफा होगा।
सरकार का फोकस पारदर्शिता, तेज क्रियान्वयन और जनहित पर बना रहेगा।
ऐसे फैसले राज्य को विकसित भारत का मजबूत स्तंभ बनाने में योगदान देंगे
