उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर को मिली नई गति: दो ओवरब्रिज का लोकार्पण
उत्तर प्रदेश में विकास और यातायात सुधार की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 27 जनवरी 2026 को दो महत्वपूर्ण ओवरब्रिज परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे, जिससे हजारों यात्रियों को जाम से मुक्ति मिलेगी और आवागमन सुगम हो जाएगा। कुल 221.63 करोड़ रुपये की लागत से बने इन दोनों पुलों में से एक रेलवे ओवरब्रिज और दूसरा फ्लाइओवर है, जो राज्य की कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगे।
बरगदवा-नकहा जंगल रेलवे ओवरब्रिज: 152.19 करोड़ की परियोजना
मुख्यमंत्री सबसे पहले बरगदवा चौराहे से जेल रोड पर नकहा जंगल-मानीराम रेलवे स्टेशनों के बीच समपार संख्या 5ए पर बने रेल उपरिगामी सेतु (रोब) का उद्घाटन करेंगे। इस परियोजना पर कुल 152.19 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। यह ओवरब्रिज रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले लंबे जाम को खत्म करेगा, जहां पहले रोजाना सैकड़ों वाहन घंटों इंतजार करते थे।
इस पुल से गोरखपुर-लखनऊ हाईवे और आसपास के इलाकों के लोगों को सीधी राहत मिलेगी। विशेष रूप से स्कूल, अस्पताल, बाजार और दफ्तर जाने वाले लोगों के लिए समय और ईंधन की बचत होगी। परियोजना के तहत मजबूत स्ट्रक्चर, चौड़ी सड़क और आधुनिक लाइटिंग की व्यवस्था की गई है, जो रात में भी सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करेगी।
खजांची चौराहा फ्लाइओवर: 96.50 करोड़ की लागत से तैयार
उसी दिन बरगदवा से ही मुख्यमंत्री खजांची चौराहा पर बने 96.50 करोड़ रुपये की लागत वाले फ्लाइओवर का भी लोकार्पण करेंगे। यह फ्लाइओवर शहर के सबसे व्यस्त चौराहों में से एक को जाम मुक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। खजांची चौराहा पहले ट्रैफिक बोतलनेक के लिए कुख्यात था, जहां सुबह-शाम घंटों जाम लगता था।
इस फ्लाइओवर से हाईवे और शहर के आंतरिक मार्गों के बीच सीधा कनेक्शन बनेगा। इससे न केवल स्थानीय निवासियों को राहत मिलेगी, बल्कि लंबी दूरी के यात्रियों और वाणिज्यिक वाहनों को भी समय की बचत होगी। परियोजना में पर्यावरण अनुकूल सामग्री का उपयोग किया गया है और सड़क सुरक्षा के लिए सभी मानकों का पालन किया गया है।
इन परियोजनाओं से क्या लाभ होंगे?
- ट्रैफिक जाम में कमी – दोनों स्थानों पर रेल क्रॉसिंग और चौराहा जाम से मुक्त हो जाएंगे।
- समय और ईंधन की बचत – यात्रियों को रोजाना घंटों की बचत होगी।
- सड़क सुरक्षा में सुधार – रेलवे क्रॉसिंग पर दुर्घटना का खतरा कम होगा।
- आर्थिक विकास को बढ़ावा – बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार और परिवहन सुगम होगा।
- स्थानीय लोगों की सुविधा – स्कूल, बाजार, अस्पताल जाने में आसानी होगी।
ये परियोजनाएं योगी सरकार की ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ और ‘बेहतर कनेक्टिविटी’ की नीति का हिस्सा हैं।
राज्य में पिछले वर्षों में सैकड़ों ओवरब्रिज और फ्लाइओवर बनाए जा चुके हैं,
जिससे यातायात व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव आया है।
लोकार्पण समारोह और जनता की उम्मीदें
27 जनवरी 2026 को होने वाले इस लोकार्पण समारोह में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, अधिकारी और
जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन परियोजनाओं को जनता को समर्पित करते हुए
विकास के संकल्प को दोहराएंगे। स्थानीय निवासी इन पुलों से मिलने वाली राहत को लेकर उत्साहित हैं
और इसे गोरखपुर मंडल के लिए ऐतिहासिक दिन मान रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की रफ्तार जारी है