गोरखपुर के तेनुआ टोल
तेनुआ टोल पर कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा
15 जनवरी 2026 को गोरखपुर के तेनुआ टोल प्लाजा (राष्ट्रीय राजमार्ग-27, गोरखपुर-लखनऊ मार्ग) पर एक बड़ा हंगामा हुआ। टोल संचालन कंपनी के लगभग 40-50 कर्मचारियों ने भोजन भत्ता और प्रॉविडेंट फंड (पीएफ) कटौती के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने टोल बूथ के सामने सड़क जाम कर दी, जिससे दोनों तरफ लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। हाईवे पर सैकड़ों वाहन खड़े हो गए और यात्रियों को 2-3 घंटे तक परेशानी झेलनी पड़ी।
प्रदर्शन के मुख्य कारण
कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी ने पिछले 6 महीनों से:
- भोजन भत्ता (प्रति दिन ₹150-200) पूरी तरह बंद कर दिया है
- पीएफ में कंपनी का हिस्सा कम करके कर्मचारी के वेतन से अधिक कटौती कर रही है
- बोनस और ओवरटाइम का भुगतान नहीं हो रहा
- कई कर्मचारियों का वेतन 2-3 महीने से लंबित है
एक कर्मचारी ने बताया, “हम सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ड्यूटी करते हैं, लेकिन कंपनी न तो भोजन का पैसा दे रही है और न ही पीएफ में सही योगदान। हम गरीब परिवारों से हैं, यह कटौती हमारी कमर तोड़ रही है।”
कर्मचारियों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ लिखित शिकायत कई बार दी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसी कारण आज सुबह 10 बजे से उन्होंने टोल बूथ पर धरना शुरू कर दिया और टोल कलेक्शन रोक दिया।
ट्रैफिक जाम और यात्रियों की परेशानी
प्रदर्शन के कारण गोरखपुर से लखनऊ और आजमगढ़ जाने वाले वाहनों की लंबी कतार लग गई। कई यात्रियों ने बताया कि वे 3 घंटे से ज्यादा समय तक जाम में फंसे रहे। कुछ ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर किए, जिसमें गाड़ियां किलोमीटरों तक लाइन में खड़ी दिख रही हैं।
एक ट्रक ड्राइवर ने कहा, “हमारा सामान खराब हो रहा है, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं। टोल कंपनी और कर्मचारी आपस में लड़ रहे हैं, हम यात्रियों को क्यों सजा मिल रही है?”
प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही तेनुआ थाना पुलिस और एसडीएम टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने कर्मचारियों को समझाने की कोशिश की और ट्रैफिक बहाल करने के लिए सड़क खाली करवाई। करीब 1:30 बजे दोपहर तक ज्यादातर कर्मचारी शांत हो गए और टोल संचालन फिर शुरू हो गया।
एसपी ट्रैफिक ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान कोई हिंसा नहीं हुई। कर्मचारियों ने लिखित शिकायत दी है, जिसे कंपनी प्रबंधन और श्रम विभाग को भेजा जाएगा।
कंपनी का पक्ष
टोल संचालन कंपनी (जो एनएचएआई के तहत काम करती है) ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
सूत्रों के अनुसार कंपनी का कहना है कि भोजन भत्ता केवल नियमित कर्मचारियों को मिलता है,
जबकि कई प्रदर्शनकारी कॉन्ट्रैक्ट पर हैं।
पीएफ कटौती के मामले में भी कंपनी का दावा है कि सभी नियमों का पालन हो रहा है।
आगे क्या? श्रम विभाग की जांच की मांग
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो
वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। स्थानीय श्रम संघों ने भी उनका समर्थन किया है।
यह घटना उत्तर प्रदेश के टोल प्लाजा पर कर्मचारी असंतोष को उजागर करती है।
तेनुआ टोल पर ऐसे हंगामे पहले भी हो चुके हैं,
लेकिन इस बार मुद्दा गंभीर है। यात्रियों से अपील है कि
वे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें जब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य न हो जाए।
