BLO की मौत और SIR
यूपी विधानसभा सत्र में गर्मागर्म बहस की शुरुआत
उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र (या वर्तमान सत्र) जोरों पर है। सदन की कार्यवाही की शुरुआत आज परिषदीय स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता, स्कूलों के मर्जर और शिक्षकों की भर्ती जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों से हुई। विपक्ष ने सरकार पर तीखे हमले किए, जबकि सरकार की ओर से वित्त एवं संसदीय मामले मंत्री सुरेश खन्ना ने जवाब दिया। सत्र के दौरान सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरने वाला मुद्दा ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) की मौत और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से जुड़ा रहा। विपक्ष ने आरोप लगाया कि SIR के दौरान BLO पर अनावश्यक दबाव के कारण एक BLO की मौत हो गई, जबकि सरकार ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया और जांच का भरोसा दिया।
BLO की मौत और SIR पर विपक्ष का तीखा हमला
सदन में सबसे पहले विपक्षी सदस्यों ने BLO की मौत का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि विशेष गहन मतदाता सूची संशोधन (SIR) अभियान के दौरान BLOs पर अत्यधिक काम का बोझ डाला गया। एक BLO की मौत को लेकर विपक्ष ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया और मांग की कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच हो। सदस्यों ने कहा कि SIR के नाम पर BLOs को रात-दिन काम करवाया जा रहा है, जिससे उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि कई BLOs ने स्वास्थ्य खराब होने की शिकायत की थी, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया।
सुरेश खन्ना का जवाब: जांच होगी, दोषियों पर कार्रवाई
वित्त एवं संसदीय मामले मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में खड़े होकर विस्तृत जवाब दिया। उन्होंने कहा कि BLO की मौत बेहद दुखद घटना है और सरकार इसे हल्के में नहीं ले रही। मंत्री ने बताया कि मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सुरेश खन्ना ने स्पष्ट किया कि SIR अभियान चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार चल रहा है और BLOs की कार्यभार को लेकर कोई अतिरिक्त दबाव नहीं डाला गया। उन्होंने विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसी संवेदनशील घटना को राजनीतिक रंग देने की कोशिश गलत है। मंत्री ने यह भी कहा कि BLOs की सुरक्षा और स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
परिषदीय स्कूलों में शिक्षा गुणवत्ता और स्कूल मर्जर पर बहस
सत्र की शुरुआत परिषदीय स्कूलों से जुड़े मुद्दों पर हुई। विपक्ष ने आरोप लगाया कि स्कूलों का मर्जर होने से ग्रामीण बच्चों को दूर-दूर तक स्कूल जाना पड़ रहा है, जिससे ड्रॉपआउट रेट बढ़ रहा है। शिक्षकों की कमी और भर्ती में देरी पर भी सवाल उठे। सरकार की ओर से कहा गया कि मर्जर से संसाधनों का बेहतर उपयोग हो रहा है और नए शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया तेजी से चल रही है। शिक्षा मंत्री ने सदन को आश्वासन दिया कि जल्द ही हजारों शिक्षकों की भर्ती पूरी हो जाएगी।
अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे और सत्र की कार्यवाही
सदन में आज कई अन्य सवाल भी उठे, जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति, सिंचाई सुविधाएं और मनरेगा के तहत काम।
विपक्ष ने कई बार हंगामा किया, लेकिन स्पीकर ने सदन को संचालित किया।
सत्र में विधेयकों पर चर्चा भी हुई और कुछ विधेयक पास किए गए।
लाइव प्रसारण के दौरान दर्शकों ने देखा कि सदन में बहस काफी गरम रही।
निष्कर्ष: सत्र में उठे मुद्दे यूपी की प्राथमिकताएं दर्शाते हैं
यूपी विधानसभा सत्र में BLO मौत और SIR का मुद्दा सबसे ज्यादा चर्चा में रहा।
सुरेश खन्ना के जवाब से सरकार ने
स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की, लेकिन विपक्ष ने इसे मुद्दा बनाए रखने का ऐलान किया।
परिषदीय स्कूल, शिक्षक भर्ती और ग्रामीण विकास जैसे विषयों पर बहस से साफ है कि
यूपी सरकार और विपक्ष दोनों शिक्षा और प्रशासनिक सुधारों को लेकर गंभीर हैं।
सत्र की कार्यवाही जारी है और आने वाले दिनों में और
बड़े मुद्दे उठने की संभावना है। यूपी विधानसभा सत्र लाइव अपडेट्स के लिए जुड़े रहें।