रामपुर में सनसनी
उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में एक बार फिर आतंकवाद से जुड़ा बड़ा खुलासा हुआ है। गुजरात की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने नरपतनगर रामपुर निवासी फैजान शेख नामक दर्जी को अलकायदा और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े होने के आरोप में गिरफ्तार किया है। फैजान पर पैगंबर मोहम्मद के कथित अपमान का बदला लेने की साजिश रचने का आरोप है। उसके फोन से जिहाद भड़काने वाले कई वीडियो और संदिग्ध चैट्स बरामद हुए हैं। रामपुर पुलिस और खुफिया विभाग की टीम ने मंगलवार को उसके घर पर छापेमारी की और परिवार से पूछताछ की। फैजान की मां के बयान ने मामले को और गहरा कर दिया है।
गिरफ्तारी और आरोपों का विवरण
गुजरात STF ने फैजान शेख को ऑनलाइन निगरानी और इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर ट्रैक किया। जांच में पता चला कि फैजान सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए कट्टरपंथी विचारों से जुड़ा हुआ था। मुख्य आरोप:
- पैगंबर के अपमान से जुड़े विवादों का बदला लेने की योजना बनाना।
- जिहाद के नाम पर युवाओं को भड़काने वाले वीडियो डाउनलोड और शेयर करना।
- अलकायदा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे प्रतिबंधित संगठनों से प्रेरित होना।
- घर से बाहर निकलकर संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने की कोशिश।
फैजान का पेशा दर्जी का था। वह नरपतनगर में छोटी सी दुकान चलाता था और घर पर ही सिलाई का काम करता था। पड़ोसियों का कहना है कि वह शांत और मेहनती दिखता था, लेकिन अंदर ही अंदर कट्टरपंथी विचारों में डूबा हुआ था।
फैजान की मां का बयान
छापेमारी के दौरान रामपुर पुलिस और खुफिया टीम ने फैजान की मां से लंबी पूछताछ की। मां ने सदमे में कहा:
“मेरा बेटा घर पर सिलाई करता था। कभी किसी से झगड़ा नहीं किया। पता नहीं कब और कैसे वो बदल गया। फोन पर क्या देखता था, मुझे नहीं पता। वो अक्सर रात में फोन पर बात करता था। मुझे लगा पढ़ाई या दोस्तों से बात कर रहा है।”
मां ने आगे कहा कि फैजान पिछले कुछ महीनों से ज्यादा चुप-चुप रहने लगा था और मस्जिद जाने के अलावा घर से कम निकलता था। परिवार सदमे में है और किसी तरह की साजिश से अनजान होने का दावा कर रहा है।
पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई
रामपुर कोतवाली पुलिस ने गुजरात STF के साथ मिलकर जांच शुरू की है। फैजान के फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए गए हैं। फोरेंसिक जांच में जिहाद से जुड़े 50 से ज्यादा वीडियो, चैट्स और ग्रुप्स का खुलासा हुआ है। पुलिस का कहना है:
- फैजान अकेला नहीं था, उसके कुछ साथी भी जांच के दायरे में हैं।
- ऑनलाइन रेडिकलाइजेशन के जरिए युवाओं को भर्ती करने का नेटवर्क हो सकता है।
- UAPA और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज।
- इंटर-स्टेट कोऑर्डिनेशन के तहत आगे की पूछताछ होगी।
समाज पर प्रभाव और चेतावनी
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कट्टर सामग्री कितनी खतरनाक हो सकती है।
आम युवा, चाहे वह दर्जी हो या छात्र,
रेडिकल वीडियो और ग्रुप्स में फंसकर गलत रास्ते पर जा सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि
परिवार और समाज को युवाओं के मोबाइल इस्तेमाल पर नजर रखनी चाहिए।
फैजान शेख की गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश में आतंकवाद विरोधी अभियान की एक और सफलता है।
पैगंबर अपमान के नाम पर बदला लेने की सोच और
जिहाद भड़काने वाले वीडियो समाज के लिए खतरा हैं। फैजान की मां का बयान दर्शाता है कि
कई बार परिवार को भी अंदाजा नहीं होता कि उनका सदस्य कब गलत रास्ते पर चला गया।
पुलिस को इस नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने की जरूरत है ताकि ऐसे मामले दोबारा न हों