सहारनपुर में
एक छोटी सी जिद ने छीन ली तीन मासूम जिंदगियां
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में एक ऐसी घटना घटी है, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। बलियाखेड़ी गांव (गागलहेड़ी थाना क्षेत्र) में एक महिला ने मात्र एक छोटे से घरेलू विवाद के बाद अपने दो मासूम बच्चों को जहर देने के बाद खुद भी जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। यह घटना 16 जनवरी 2026 की रात करीब 10 बजे की बताई जा रही है, जब परिवार में छोटी सी बात पर बड़ा विवाद हो गया।
सल्फास (Sulphas) की खाली शीशी मौके से बरामद हुई, जिससे पुलिस ने पुष्टि की कि तीनों ने इसी जहरीले पदार्थ का सेवन किया था।
क्या था विवाद की वजह? शौचालय इस्तेमाल की छोटी सी जिद
पुलिस जांच के मुताबिक, महिला का नाम मनीता (उम्र लगभग 30 वर्ष) था। वह सुबह छत पर बने शौचालय का इस्तेमाल करना चाहती थी, लेकिन वहां जेठानी का परिवार मौजूद था। इसी बात पर कहासुनी हुई और मनीता को शौचालय इस्तेमाल नहीं करने दिया गया।
यह छोटी सी घटना घरेलू तनाव को और बढ़ा देने वाली साबित हुई। पुलिस के अनुसार, मनीता का अपने पति, जेठ, जेठानी और ससुराल वालों के साथ पहले से ही अक्सर झगड़े होते रहते थे। गुरुवार की रात विवाद चरम पर पहुंच गया।
मनीता ने पहले अपनी 6 वर्षीय बेटी नित्या और 4 वर्षीय बेटे कार्तिकेय को जहर दिया, फिर खुद ने भी विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। तीनों बेहोश अवस्था में गांव के बाहर मिले, जहां राहगीरों ने सूचना दी। गागलहेड़ी पुलिस ने तुरंत तीनों को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान तीनों की मौत हो गई।
ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप, दर्ज हुई FIR
मनीता के मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर लंबे समय से घरेलू हिंसा,
मारपीट और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए
FIR दर्ज कराई है। पुलिस अधीक्षक (नगर) व्योम बिंदल ने मामले की पुष्टि की है और जांच जारी है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे मौत का सटीक कारण सामने आएगा।
ऐसी घटनाएं क्यों बढ़ रही हैं? घरेलू कलह का खतरनाक अंजाम
यह पहली बार नहीं है जब छोटी-छोटी बातों पर परिवार उजड़ जाते हैं। ससुराल में बहू की स्थिति, संपत्ति विवाद,
रोजमर्रा की छोटी-छोटी जिदें और मानसिक तनाव कई परिवारों को तबाही की ओर ले जा रहे हैं।
सलाह: यदि आप या कोई जानकार घरेलू हिंसा, मानसिक तनाव या
आत्महत्या के विचारों से जूझ रहा है, तो तुरंत मदद लें। भारत में हेल्पलाइन नंबर:
- किरण हेल्पलाइन: 1800-599-0019
- वंदे मातरम फाउंडेशन: 9999666555
निष्कर्ष
एक छोटी सी जिद और घरेलू कलह ने तीन निर्दोष जिंदगियां हमेशा के लिए खामोश कर दीं। समाज को सोचने की जरूरत है कि छोटी-छोटी बातों को संभालकर बड़े हादसों को रोका जा सकता है। परिवार में संवाद, समझदारी और सम्मान ही सबसे बड़ा हथियार है।
परिवार के सदस्यों के प्रति गहरी संवेदना।
