उत्तर प्रदेश के संभल जिले के सलेमपुर सालार (हाजीपुर) गांव में सरकारी जमीन पर बनी अवैध मदीना मस्जिद को ग्रामीणों ने शनिवार रात में ही ध्वस्त कर दिया। प्रशासन के बुलडोजर एक्शन से पहले ही मस्जिद कमेटी ने जेसीबी से मलबा साफ कर खाली प्लॉट तैयार कर दिया। इस घटना ने योगी सरकार की अतिक्रमण विरोधी नीति की सख्ती को दर्शाया है।
घटना का पूरा विवरण
संभल के असमोली थाना क्षेत्र में 439 वर्ग मीटर ग्राम समाज की जमीन पर अवैध रूप से बनी दो मंजिला मदीना मस्जिद पर प्रशासन ने लंबे समय से नजर रखी थी। लेखपाल रिपोर्ट के आधार पर राजस्व संहिता धारा 67 के तहत मुतवल्ली हाजी शमीम को नोटिस जारी किया गया और 8.78 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। बेदखली आदेश के बावजूद निर्माण नहीं हटा तो रविवार सुबह 10 बजे बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी थी, लेकिन रात 12 बजे के बाद ग्रामीणों ने खुद हथौड़ों और जेसीबी से मस्जिद जमींदोज कर दी।
प्रशासन की भूमिका और कार्रवाई
प्रशासन ने तहसीलदार, एसडीएम, सीओ और भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। सुबह जब अधिकारी पहुंचे तो मस्जिद गायब थी और मलबा साफ हो चुका था, जिससे वे हैरान रह गए।
अधिकारियों का कहना है कि बुलडोजर के डर से अतिक्रमणकारी खुद ही कार्रवाई कर रहे हैं।
इसके बाद डीएम ने इस जमीन को 20 गरीब और आर्थिक रूप से
कमजोर परिवारों को आवास के लिए पट्टा allot कर दिया।
ग्रामीणों का पक्ष और प्रतिक्रिया
मस्जिद कमेटी ने कैमरे पर बात करने से इनकार कर दिया, लेकिन साफ था
कि प्रशासनिक सख्ती के कारण उन्होंने टकराव टाला।
स्थानीय मुस्लिम समुदाय ने रातभर काम कर नमाज स्थल, वजू क्षेत्र सब समतल कर दिया।
