कानपुर में रिटायर्ड फौजी
कानपुर में दुखद हत्याकांड और सुसाइड, सट्टे की लत बनी वजह
कानपुर के सेन पश्चिम पारा इलाके में सोमवार तड़के एक दिल दहला देने वाला हत्याकांड और सुसाइड का मामला सामने आया। रिटायर्ड फौजी ने अपनी पत्नी और बेटे की दोनाली बंदूक से गोली मारकर हत्या कर दी, इसके बाद खुद रेलवे ट्रैक पर जाकर ट्रेन से कटकर जान दे दी। रेलवे ट्रैक के किनारे पड़े शव की शिनाख्त के बाद पुलिस को हत्याकांड की पूरी जानकारी मिली। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ऑनलाइन सट्टेबाजी की लत ने इस परिवार को बर्बाद कर दिया। बड़े भाई ने खुलासा किया कि सट्टे के चक्कर में खेत और मकान तक बिक गए, जिससे कर्ज का बोझ इतना बढ़ गया कि व्यक्ति ने यह कदम उठाया।
घटना का विवरण: तड़के हुई दोहरी हत्या और सुसाइड
सोमवार तड़के सेन पश्चिम पारा स्थित घर में रिटायर्ड फौजी ने सबसे पहले अपनी पत्नी और बेटे को निशाना बनाया। दोनाली बंदूक से दोनों को गोली मार दी गई। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी घर से निकला और नजदीकी रेलवे ट्रैक पर पहुंच गया, जहां गुजर रही ट्रेन के नीचे आकर उसने आत्महत्या कर ली। सुबह ट्रेन ड्राइवर और स्थानीय लोगों ने ट्रैक पर शव देखा और रेलवे पुलिस को सूचना दी। शिनाख्त के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घर जाकर हत्याकांड की पुष्टि की। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बड़े भाई का खुलासा: ऑनलाइन सट्टे ने बर्बाद किया पूरा परिवार
मृतक के बड़े भाई ने पुलिस को बताया कि पिछले कुछ सालों से उसका छोटा भाई ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए की लत में फंस गया था। विभिन्न ऐप्स और प्लेटफॉर्म पर क्रिकेट, फुटबॉल और अन्य खेलों पर सट्टा लगाने की आदत पड़ गई। शुरुआत में छोटी रकम से शुरू हुआ यह सिलसिला धीरे-धीरे लाखों तक पहुंच गया। कर्ज चुकाने के लिए उसने पहले खेती की जमीन और फिर घर का हिस्सा बेच दिया। फिर भी कर्ज कम नहीं हुआ। परिवार में लगातार झगड़े होते रहे। बड़े भाई का कहना है कि कई बार समझाने की कोशिश की गई, लेकिन लत इतनी गहरी हो चुकी थी कि वह नहीं सुधरा। आखिरी दिनों में कर्जदाताओं का दबाव बढ़ गया था, जिससे मानसिक रूप से टूट चुके व्यक्ति ने यह चरम कदम उठाया।
पुलिस जांच और सट्टेबाजी ऐप्स की भूमिका
पुलिस ने मामले में हत्या और सुसाइड का मुकदमा दर्ज किया है। मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त कर जांच की जा रही है। जांच में कई सट्टेबाजी ऐप्स के ट्रांजेक्शन सामने आए हैं, जिनमें लाखों रुपये का लेन-देन हुआ। पुलिस का कहना है कि ऑनलाइन जुआ कानूनी रूप से प्रतिबंधित है और ऐसे ऐप्स के खिलाफ साइबर सेल के साथ समन्वय कर कार्रवाई की जाएगी। परिवार के अन्य सदस्यों से पूछताछ जारी है। पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या कर्जदाताओं ने धमकी दी थी या कोई अन्य दबाव था।
समाज पर प्रभाव और सट्टेबाजी की बढ़ती समस्या
यह घटना उत्तर प्रदेश में ऑनलाइन सट्टेबाजी की लत के खतरनाक परिणामों को
एक बार फिर उजागर करती है। पिछले कुछ वर्षों में यूपी में ऐसे कई मामले सामने आए हैं
जहां जुआ और सट्टे ने परिवारों को बर्बाद कर दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि
आसान ऑनलाइन ऐप्स और UPI ट्रांजेक्शन ने इस समस्या को और बढ़ावा दिया है।
युवा और मध्यम वर्ग के लोग तेजी से इस लत का शिकार हो रहे हैं।
इस घटना ने स्थानीय स्तर पर जागरूकता फैलाने की जरूरत पर जोर दिया है।
लत से परिवारों की तबाही, रोकथाम जरूरी
कानपुर का यह दुखद हत्याकांड और सुसाइड केस ऑनलाइन सट्टेबाजी की लत के भयानक नतीजे दिखाता है।
एक रिटायर्ड फौजी का पूरा परिवार इसकी भेंट चढ़ गया।
बड़े भाई के खुलासे से साफ है कि खेत-मकान बिकने के बाद भी कर्ज का बोझ कम नहीं हुआ।
पुलिस जांच से उम्मीद है कि दोषी ऐप्स और नेटवर्क का पर्दाफाश होगा।
समाज को इस समस्या के खिलाफ जागरूक होने और युवाओं को बचाने की जरूरत है।
ऐसी घटनाएं रोकने के लिए सख्त कानूनी कार्रवाई और काउंसलिंग की व्यवस्था जरूरी है।