शंकराचार्य के बयान से संविधान नहीं बदल सकता
UP News: शंकराचार्य के बयान से नहीं बदल सकता संविधान, मंत्री ओपी राजभर का यूजीसी और पंचायत चुनाव पर बड़ा बयान
परिचय: ओपी राजभर का संवेदनशील मुद्दों पर साफ-साफ बयान
वाराणसी न्यूज: कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर ने पंचायत चुनाव को लेकर कहा कि चुनाव की पूरी तैयारी सरकार कर रही है। साथ ही मंत्री ने यूजीसी के नए नियमों से लेकर शंकराचार्य मामले के सवालों पर बड़ा बयान दिया। राजभर ने स्पष्ट किया कि संविधान किसी व्यक्ति या संस्था के बयान से नहीं बदल सकता। उन्होंने यूजीसी नियमों पर भी अपनी राय रखते हुए कहा कि उच्च शिक्षा में समानता और पारदर्शिता जरूरी है, लेकिन संवेदनशील मुद्दों पर राजनीतिक बयानबाजी से बचना चाहिए। यह बयान वाराणसी में एक कार्यक्रम के दौरान आया, जहां मंत्री ने राज्य सरकार की तैयारियों और नीतियों पर विस्तार से बात की।
पंचायत चुनाव की तैयारियां: मंत्री का दावा
मंत्री ओपी राजभर ने पंचायत चुनाव को लेकर कहा कि राज्य सरकार पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि अधिसूचना जारी होने के बाद नामांकन, मतदान और परिणाम की पूरी प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी होगी। राजभर ने कहा, “पंचायत चुनाव लोकतंत्र की जड़ है। हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि चुनाव निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी हों।” उन्होंने ग्राम पंचायतों से लेकर जिला पंचायत तक सभी स्तरों पर व्यवस्थित तैयारी का दावा किया। मंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों और पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया।
शंकराचार्य के बयान पर राजभर का पलटवार
शंकराचार्य के हालिया बयान पर सवाल उठने पर ओपी राजभर ने साफ कहा, “शंकराचार्य के बयान से संविधान नहीं बदल सकता। संविधान सर्वोपरि है और देश की एकता-अखंडता का आधार है।” उन्होंने कहा कि धार्मिक या आध्यात्मिक व्यक्तियों के बयान सम्माननीय हो सकते हैं, लेकिन संविधान बदलने या संशोधित करने का अधिकार केवल संसद को है। राजभर ने जोर दिया कि संविधान में कोई बदलाव बिना संसदीय प्रक्रिया के नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों से समाज में भ्रम फैलाने की कोशिश न हो।
यूजीसी नियमों पर मंत्री की राय
यूजीजी के नए नियमों पर मंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा में समान अवसर और गुणवत्ता जरूरी है। उन्होंने कहा कि नियमों का उद्देश्य शिक्षा को बेहतर बनाना है, लेकिन इन नियमों से किसी वर्ग या समुदाय का हित प्रभावित नहीं होना चाहिए। राजभर ने कहा कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में समावेशी नीतियां अपनाएगी। उन्होंने छात्रों और शिक्षकों से अपील की कि वे नए नियमों को समझें और इसका सकारात्मक उपयोग करें।
वाराणसी में मंत्री का दौरा और जनसंपर्क
कार्यक्रम के दौरान ओपी राजभर ने वाराणसी के स्थानीय मुद्दों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि
वाराणसी विकास की नई मिसाल बन रहा है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर,
गंगा घाटों का सौंदर्यीकरण और पर्यटन विकास पर सरकार काम कर रही है। मंत्री ने जनता से
अपील की कि वे सरकार की योजनाओं का लाभ उठाएं और विकास में सहयोग करें।
संविधान सर्वोपरि, विकास जारी
मंत्री ओपी राजभर का यह बयान संविधान की सर्वोच्चता और विकास की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
शंकराचार्य के बयान पर स्पष्ट रुख, यूजीसी नियमों पर
संतुलित राय और पंचायत चुनाव की तैयारियां सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति दिखाती हैं।
वाराणसी और पूरे यूपी में विकास का दौर जारी है।
जनता को उम्मीद है कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के साथ विकास भी तेजी से आगे बढ़ेगा।